Maharashtra Civic Polls: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक दलों में असंतोष की लहर दौड़ गई, खासकर नासिक और नागपुर में। भाजपा और शिवसेना के कई उम्मीदवारों ने टिकट वितरण को लेकर विरोध किया। मुंबई, ठाणे, जलगांव और नासिक में कांग्रेस और एनसीपी में भी टिकट को लेकर विवाद हुआ।
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में असंतोष की लहर दौड़ पड़ी। नासिक और नागपुर में नाटकीय घटनाओं ने सुर्खियां बंटोरीं, जबकि मुंबई, जलगांव और अन्य शहरों में टिकट वितरण को लेकर उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ती दिखी। राज्य की 29 नगर निगमों में मतदाता 15 जनवरी को अपने वार्डों के पार्षदों का चुनाव करेंगे। इनमें मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक और ठाणे जैसी प्रमुख नगरपालिकाएं शामिल हैं।
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नासिक में टिकट के लिए होड़
उत्तर महाराष्ट्र के नासिक में चुनावी नामांकन के अंतिम दिन विवाद अपने चरम पर पहुंच गया। भाजपा के नाराज उम्मीदवारों ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों को मिलने वाले नामांकन फॉर्म से भरे वाहनों का पीछा किया। नासिक-मुंबई राजमार्ग पर शहर के भाजपा अध्यक्ष सुनील केदार की कार का पीछा किया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि नगर निगम के वार्ड नंबर 26 में भाजपा के कार्यकारी कैलास अहिरे और विधायक सीमा हिरे के बीच नामांकन फॉर्म के मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई। अहिरे ने विधायक पर आरोप लगाया कि वह उनका टिकट कटवाना चाहती हैं। यह विवाद चुनाव अधिकारी के कार्यालय के बाहर हुआ और इसका वीडियो वायरल हो गया।
अंतिम संस्कार स्थल पर सौंपा नामांकन फॉर्म
नामांकन जमा करने के अंतिम दिन ही नागपुर में शिवसेना के कार्यकर्ता योगेश गोन्नाडे की मां का निधन हो गया। लेकिन चुनाव में नामांकन दाखिल करने के लिए शिवसेना नेताओं ने उन्हें अंतिम संस्कार स्थल पर ही नामांकन फॉर्म सौंपा। अंतिम संस्कार के बाद गोन्नाडे सीधे सातारांजीपुरा क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और वार्ड नंबर पांच से अपना नामांकन दाखिल किया। नागपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। कुछ कार्यकर्ता नाराज दिखे, जबकि कुछ ने आत्मदाह की धमकी दी। उनका आरोप था कि पार्टी ने लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर नए उम्मीदवारों को टिकट दिया।
मुंबई और ठाणे में शिवसेना यूबीटी के कार्यकर्ताओं में असंतोष
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के घर 'मातोश्री' के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में भी वार्ड नंबर 3 भाजपा को दिए जाने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई। ठाणे में महायुति गठबंधन (भाजपा और शिवसेना) में सीट बंटवारे को लेकर कई युवा नेता और प्रमुख परिवार असंतुष्ट दिखे। शिवसेना नेताओं स्वप्निल लांडे और निखिल बुडजाडे ने पार्टी से दूरी बनाई और स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया।
एनसीपी और कांग्रेस में भी उथल-पुथल
जलगांव में एनसीपी में आंतरिक मतभेद देखने को मिले। राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक पाटिल ने जिला अध्यक्ष संजय पवार और पूर्व मंत्री गुलाबराव देवकर से मतभेदों के कारण अचानक इस्तीफा दे दिया। बाद में वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाया। नासिक में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भी टिकट न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी अमीर उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई, जिससे लंबे समय से पार्टी में जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ।