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CAPF: केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से क्यों हो रहा मोहभंग? पिछले पांच साल में 47000 ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 18 Dec 2023 05:46 PM IST

सार

बीएसएफ के पूर्व एडीजी संजीव कृष्ण सूद कहते हैं, कई जगहों पर वर्कलोड ज्यादा है। जवान ठीक से सो नहीं पाते हैं। वे अपनी समस्या किसी के सामने रखते हैं, तो वहां ठीक तरह से सुनवाई नहीं हो पाती। ये बातें जवानों को तनाव की ओर ले जाती हैं...
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CAPF - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

साल 2022 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

असम राइफल   1188
बीएसएफ       5341 
सीआईएसएफ   762
सीआरपीएफ    3019
आईटीबीपी      545
एसएसबी        314  
कुल             11169

साल 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

असम राइफल   1280
बीएसएफ        4127 
सीआईएसएफ    596
सीआरपीएफ     2572
आईटीबीपी       324
एसएसबी         271  
कुल              9170

 

गृह राज्य मंत्री ने बताया व्यक्तिगत और घरेलू कारण

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पिछले दिनों राज्यसभा में बताया, सीएपीएफ और असम राइफल 'एआर' में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों की संख्या वर्ष दर वर्ष बदलती रहती है। इस संबंध में कोई स्थिर प्रवृत्ति नहीं देखी गई है। बलों द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के कारण, व्यक्तिगत और घरेलू बताए गए हैं। इनमें बच्चों/पारिवारिक मुद्दे, स्वयं या परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, सामाजिक/पारिवारिक दायित्व एवं प्रतिबद्धताएं, बेहतर करियर के अवसर आदि प्रमुख कारण हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मियों की संख्या कम करने के लिए, सरकार द्वारा कई तरह के कदम उठाए गए हैं।

गृह राज्य मंत्री का दावा ...

  • समय पर कैडर समीक्षा करना
  • संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति योजना 'एमएसीपी' प्रदान करना, जिसके पदोन्नति में ठहराव को कम करने के लिए 10, 20 व 30 वर्ष की नियमित सेवा के अंतराल में 3 वित्तीय अपग्रेडेशन प्रदान करना।
  • अत्यधिक कठिन और कठिन क्षेत्रों में तैनात इकाइयों का सामान्य क्षेत्रों में तैनाती के लिए रोटेशन करना, सेवानिवृत्ति के अंतिम दो वर्ष के दौरान गृह नगर के निकट पोस्टिंग देना।
  • सभी फील्ड फार्मेशन में बुनियादी ढांचे का विकास करना
  • ब्रीफिंग/डीब्रीफिंग, रोल कॉल व सैनिक सम्मेलन के दौरान सभी स्तरों पर उचित परामर्श/ब्रीफिंग करना, अधीनस्थों से कार्य कराने में संवेदनशीलता और मानवीय रवैया अपनाए जाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को ब्रीफ किया जाता है।
  • मनोरंजन सुविधाओं, बुनियादी सुविधाओं, टेलीफोन सुविधाओं, स्थानीय वायरलैस प्रणाली तथा शिकायत निवारण का प्रावधान करना
  • तनाव, अवसाद और मनोवैज्ञानिक चिंताओं को कम करने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं की शुरुआत करना, पीएम छात्रवृत्ति, योग, ध्यान सत्र व आर्ट ऑफ लिविंग कक्षाएं आयोजित करना
  • रियायती कीमतों पर उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति के प्रावधान के साथ कंटीन सुविधाएं प्रदान करना, महिला कर्मियों के लिए काम करने की स्थिति में सुधार के तहत क्रेच स्थापित करना
  • उच्चतर शिक्षा, कंप्यूटर, प्लॉट/फ्लैट की खरीद के लिए ऋण देना तथा चिकित्सा सुविधाएं आदि।
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