महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल)
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि कैंसर भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसके इलाज से जुड़े नवाचार हर देश तक पहुंचना चाहिए, क्योंकि मानवता की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने यह बात नागपुर के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में सीमाओं से परे ऑन्कोलॉजी विषय पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन के वक्त कही।
कैंसर के मामले 75 फीसदी तक बढ़ने की आशंका
इस दौरान उन्होंने संदिग्ध मामलों की पहचान और शुरुआती इलाज के लिए प्रभावी प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में कैंसर के मामले अकल्पनीय रफ्तार से बढ़े हैं और यह परेशानी अब वैश्विक बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने चेताया कि अगले 20 वर्षों में दुनिया भर में कैंसर के मामले 75 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।
अब केवल इलाज नहीं, बल्कि रोकथाम के लिए SOP जरूरी
महाराष्ट्र में ही बीते पांच वर्षों में कैंसर के मामलों में 11 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अब केवल इलाज नहीं, बल्कि रोकथाम, व्यापक जांच और संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए मानक प्रक्रिया (एसओपी) विकसित करने की जरूरत है। फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार की महाकेयर फाउंडेशन पहल के तहत पूरे महाराष्ट्र में कैंसर उपचार, शोध और शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के काम सराहनीय
उन्होंने आगे कहा कि इलाज को सस्ता बनाने के लिए नई उपचार पद्धतियां जरूरी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आयातित कैंसर दवाओं और उपकरणों पर कर घटा रही है। उन्होंने कहा कि मेडटेक, बायोटेक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, सुलभ और किफायती बना रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के कामों की भी सराहना की।