दरअसल, मालगाड़ियों को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर ले जाने के लिए पलवल रेलवे स्टेशन को न्यू पृथला डीएफसी स्टेशन से जोड़ा जाना है। इसके लिए पलवल स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है। इस कारण पलवल होकर चलने वाली ट्रेनों की आवाजाही बाधित होगी। इसके चलते रेलवे ने 3 सितंबर से 18 सितंबर तक 414 ट्रेनें निरस्त करने का फैसला लिया है, जबकि 250 से अधिक ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। वहीं, कई ट्रेनों को रास्ते में कुछ देर के लिए रोककर चलाने का निर्णय लिया है।
इसलिए रेलवे प्रशासन ने 27 अगस्त को नॉन इंटरलॉकिंग का काम पूरा करने के लिए पलवल से होकर जाने वाली कई ट्रेनों को निरस्त करने की घोषणा की थी। इसके बाद 30 अगस्त को रेलवे ने पूर्व घोषित निरस्त ट्रेनों को अपने समय पर चलाने का आदेश जारी किया था, लेकिन इसके बाद 3 सितंबर को एक बार फिर से ट्रेनें निरस्त करने की घोषणा कर दी गई। लंबी दूरी की कई ट्रेनों के साथ ही लोकल ट्रेनें भी निरस्त रहेंगी। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों को हो रही इस परेशानी पर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों के बहाल होने और ट्रेनों के फिर कैंसिल होने की सूचना रेलवे ने यात्रियों को दी है, ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। जहां तक टिकट बुकिंग की बात है तो आईआरटीसी एप के जरिए होता है। इसलिए जैसे ट्रेन बहाल हुई, उसकी सूचना भी यात्रियों तक पहुंची। अब जब कैंसिल हुई तो वह अब यात्रियों के पास सूचना पहुंच रही है।
इसलिए यात्री हो रहे परेशानी
इस बीच, रेलवे के बार-बार आ रहे मैसेज ने लाखों यात्रियों को परेशानी में डाल रखा है। कई यात्रियों ने रेलवे के पहले मैसेज को देखकर दूसरी ट्रेनों में बुकिंग करवा ली थी, लेकिन जब बाद रेलवे ने जब ट्रेन कैंसिल नहीं होने और रेल सेवा सुचारू रहने का मैसेज किया, तो यात्रियों ने पहले की बुकिंग को कैंसिल करवाई। इसके बाद 3 अक्तूबर को आए मैसेज ने यात्रियों की परेशानी को बढ़ा दिया। इसमें फिर रेलवे ने कहा कि ट्रेन कैंसिल होने जा रही है। इसने यात्रियों को परेशानी को दोगुनी बढ़ा दिया है। पहले तो ट्रेन टिकट का कैंसिल होना और दूसरा यह है कि एन वक्त पर अन्य ट्रेनों में भीड़ होने के चलते कंफर्म सीट नहीं मिलना।