सार
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य 2030 तक व्यापार को दोगुना करना है। दोनों देशों के बीच मौजूदा कारोबार 7.8 अरब डॉलर है। समझौते पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर की उम्मीद है।
मार्क कार्नी, कनाडा के प्रधानमंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनका देश भारत के साथ एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत कर रहा है, जिसका उद्देश्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करना है। अभी दोनों देशों के बीच 7.8 अरब डॉलर का कारोबार है। कार्नी ने कनाडा-भारत फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि इस समझौते पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। कनाडा के प्रधानमंत्री चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं।
कार्नी ने कहा कि यह हमारे दोनों देशों के लिए एक बहुत बड़ा मौका है, लेकिन यह एक ऐसा अवसर है जो अगले स्तर पर पहुंचने वाला है। हमें और भी ऊंचे लक्ष्य रखने चाहिए और हम ऐसा कर रहे हैं और अपनी साझेदारी में और अधिक रणनीतिक होना चाहिए। इसीलिए, पिछले साल मेरे चुनाव के तुरंत बाद, हमारी सरकार ने भारत के साथ अपने संबंधों को नवीनीकृत करने का प्रयास किया।
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जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका का किया जिक्र
कार्नी ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी को कनाडा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया था। कुछ सप्ताह बाद जब वे आए, तो हमने सुरक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पुनः सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की। कुछ महीनों बाद, जोहान्सबर्ग में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में, प्रधानमंत्री मोदी और मैंने ऑस्ट्रेलिया के साथ महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी पर एक ऐतिहासिक साझेदारी की शुरुआत की। उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा के दौरान, कनाडा उन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जहां वह अपने लोगों के लिए अधिक संप्रभुता, अधिक विकल्प और अधिक समृद्धि सृजित करने के लिए मिलकर काम कर सकता है।
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हम बन सकते हैं भारत के रणनीतिक भागीदार
कार्नी ने कहा कि हम भारत के विनिर्माण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और परमाणु उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और धातुओं में रणनीतिक भागीदार भी बन सकते हैं। दूसरे पहलू में, भारत 2040 तक स्वच्छ ऊर्जा से हमारे ग्रिड को दोगुना करने में हमारी मदद कर सकता है। कार्नी ने जोर देकर कहा कि एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत का नेतृत्व, कनाडा के उन प्रौद्योगिकियों के विकास और व्यावसायीकरण के मिशन के साथ-साथ क्वांटम प्रौद्योगिकियों के विकास और व्यावसायीकरण के साथ अच्छी तरह से मेल खाता है, ताकि उसके रक्षा नवाचार को और गहरा किया जा सके।
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