बीते 24 घंटे के भीतर सीमा हैदर को लेकर चर्चा यही हुई कि क्या वह मोदी सरकार में मंत्री रामदास अठावले की पार्टी से अब चुनाव लड़ेगी। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मासूम किशोर ने सीमा हैदर को उत्तर प्रदेश की महिला मोर्चा के अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने की बात कही थी। इस मामले में फिलहाल मोदी सरकार में शामिल केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सीमा को अपनी पार्टी में शामिल कराए जाने और चुनाव लड़ाए जाने से इनकार किया है। अठावले ने कहा कि इस मामले में देश की सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं और जल्द ही इस मामले में सच सामने आ जाएगा। उनका कहना है कि उसे लेकर जिस बयान की बात हो रही है वह पार्टी का नहीं है।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय और सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि सीमा हैदर को उनकी पार्टी में न तो शामिल किया जा रहा है और न ही किसी भी पद पर रखने की कोई बातचीत हुई है। वो कहते हैं कि इस पूरे मामले में दिया गया वक्तव्य उनकी पार्टी के किशोर मासूम के निजी विचार हो सकते हैं लेकिन उसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कहते हैं कि इस तरीके की अनुशासनहीनता उनकी पार्टी में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उन्होंने अपने पार्टी के पदाधिकारी को कड़ी चेतावनी भी दी है। रामदास अठावले कहते हैं कि उनकी पार्टी ऐसे किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने के लिए ऑफर नहीं दे सकती जो भारत का नागरिक ही न हो।
दरअसल केंद्र की मोदी सरकार में शामिल रामदास अठावले की पार्टी के प्रवक्ता और पदाधिकारी किशोर मासूम ने सीमा को राजनीति में आने का ऑफर दिया था। साथ ही कहा था कि वह अपने चुनाव चिह्न पर सीमा हैदर को चुनाव लड़ाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाएंगे। मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल सहयोगी दल के वरिष्ठ पदाधिकारी की ओर से दिए गए इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई थी। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किशोर ने कहा था कि सीमा हैदर एक पाकिस्तानी नागरिक हैं और भारत आई हैं। अगर सीमा को सुरक्षा एजेंसियों से क्लीन चिट मिल जाती है और उन्हें भारतीय नागरिकता मिल जाती है, तो सीमा का पार्टी में स्वागत किया जाएगा। यह डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाया गया कानून है। भारतीय नागरिक कहीं भी चुनाव लड़ सकते हैं।
पूरे मामले में संवैधानिक जानकारों का कहना था भारत में कहीं भी चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। कानून कहता है कि कोई गैर-भारतीय नागरिक चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरनाम सिंह सोढ़ी कहते हैं कि संविधान का अनुच्छेद 84 (ए) के मुताबिक कोई व्यक्ति किसी संसदीय क्षेत्र के लिए चुने जाने के योग्य नहीं होगा जब तक वह भारत का नागरिक न हो। ऐसे में सीमा तो भारत की नागरिक ही नहीं है। वह न चुनाव लड़ने योग्य है और न ही देश की कोई पार्टी उसके चुनाव लड़ाने के लिए सियासी रास्ता बना सकती है।