फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: शिंदे के मंत्री ने स्वीकारी आदित्य ठाकरे की चुनौती, बोले- इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने को तैयार हूं

Tue, 01 Nov 2022 10:04 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

सत्तार ने यहां संवाददाताओं से कहा, चुनौती पर मैं अभी भी कायम हूं। भले ही वह (आदित्य) अपना इस्तीफा न दें, लेकिन मैं एक सप्ताह के भीतर इस्तीफा दे सकता हूं। अगर मुख्यमंत्री अनुमति दें तो चुनाव का सामना कर सकता हूं। 
विज्ञापन
आदित्य ठाकरे, अब्दुल सत्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने मंगलवार को शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे की उस चुनौती को स्वीकार किया जिसमें उन्होंने इस्तीफा देकर चुनावी मैदान में उतरने को कहा था। 

विज्ञापन


सत्तार ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उन्हें अनुमति देते हैं और औरंगाबाद के सिल्लोड निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव का सामना करते हैं, तो वह एक सप्ताह के भीतर अपना इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। आदित्य ठाकरे ने कहा था कि मुख्यमंत्री शिंदे के प्रति वफादार विधायकों को 2024 के चुनावों में सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति का एहसास होगा। 

बता दें कि आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे गुट के अन्य शिवसेना नेता शिंदे खेमे के उन चालीस विधायकों को इस्तीफा देने और चुनाव का सामना करने की चुनौती देते रहे हैं, जिनकी वजह से पिछली महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। 
विज्ञापन


सत्तार ने यहां संवाददाताओं से कहा, चुनौती पर मैं अभी भी कायम हूं। भले ही वह (आदित्य) अपना इस्तीफा न दें, लेकिन मैं एक सप्ताह के भीतर इस्तीफा दे सकता हूं। अगर मुख्यमंत्री अनुमति दें तो चुनाव का सामना कर सकता हूं। 

उन्होंने आगे यह भी कहा कि बारिश के कारण भार नुकसान हुआ है लेकिन एक भी किसान सरकारी मदद से वंचित नहीं रहेगा। सत्तार ने कहा, किसानों को मददद देने के मुद्दे पर मैंने पहले ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बात की है। एक बार जब हम सभी  पंचनामा प्राप्त कर लेंगे, तो कैबिनेट वित्तीय सहायता को मंजूरी देगी। 

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद जिले में बारिश प्रभावित किसानों के खेतों का दौरा किया था। इसको लेकर भी सत्तार ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, उद्धव ठाकरे ने सिर्फ 24 मिनट के लिए खेतों का दौरा किया। उन्होंने 24 मिनट में क्या देखा? मुझे नहीं पता। जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कहा था कि प्रभावित किसानों को पचास हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि वह अपनी बात भूल गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें