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कॉल ड्रॉप: ट्राई ने 4जी नेटवर्क के लिये नये गुणवत्ता मानक तय किये

Wed, 01 Aug 2018 12:56 AM IST
नई दिल्ली, भाषा
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भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 4जी नेटवर्क पर कॉल की गुणवत्ता का आकलन करने के लिये आज नये मानक जारी किये ताकि ग्राहकों के सामने बात करते हुये आवाज कटने जैसी दिक्कतों की जांच की जा सके।

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दूरसंचार नियामक ट्राई ने डेटा पैकेट के आधार पर 4जी नेटवर्क पर काल की गुणवत्ता परखने का फैसला किया है। यह मानक 2जी और 3जी नेटवर्क पर कॉल ड्रॉप के आकलन के लिये इस्तेमाल होने वाले मानकों से अलग है।

नियामक ने दूरसंचार ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य किया है कि कॉल के अपलिंक और डाउनलिंक के दौरान प्रेषित कुल डेटा पैकेट के 2 प्रतिशत या उससे अधिक की हानि नहीं होनी चाहिये ताकि कॉल की गुणवत्ता बेहतर रहे। 
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उपग्रह से जमीन पर आने वाले संवाद को डाउनलिंक कहा जाता है और जब संवाद जमीन से उपग्रह की ओर जाता है तो उसे अपलिंक कहा जाता है। डेटा का उपयोग करके 4जी नेटवर्क पर वॉयस कॉल किया जाता हैं क्योंकि संपूर्ण नेटवर्क इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है।

उल्लेखनीय है कि 2जी और 3जी नेटवर्क में ग्राहकों की कॉल अपने आप कट जाती है, जिसे कॉल ड्रॉप कहा जाता है। हालांकि, 4जी नेटवर्क के आने के बाद से ग्राहकों को दूसरी ओर से आवाज नहीं सुनाई देनी की समस्या आ रही है। डेटा की हानि होने के कारण इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। 

इसके अलावा, ट्राई ने दूरसंचार ऑपरेटरों को 4जी नेटवर्क पर कॉल पहुंचने में देरी के कारण का पता लगाने के लिये हर तिमाही फील्ड परीक्षण करने का भी निर्देश दिया है। 4जी प्रौद्योगिकी के अंतर्गत जब भी कोई व्यक्ति फोन पर बात करता है तो उसकी आवाज डेटा के रूप में परिवर्तित हो जाती है और लक्षित स्थान या फिर दूसरी ओर मौजूद शख्स के फोन पर पहुंचती है।

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