यह एप न केवल दूरसंचार क्षेत्र की 37 लाख किमी लंबाई में बिछी भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल को सुरक्षित रखेगा, बल्कि पेयजल पाइपलाइन, बिजली के वायर, गैस पाइपलाइन आदि भी बचाने में मदद देगा।
देश के बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन इसके लिए हो रही खोदाई से अक्सर भूमिगत वायर, पाइपलाइन आदि क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। अकेले दूरसंचार क्षेत्र के वायर 10 लाख बार हर साल कट जाते हैं। इससे करीब 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। समाधान के लिए दूरसंचार विभाग व गुजरात स्थित सरकारी एजेंसी भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो इंफॉर्मेटिक्स (बाइसैग-एन) ने ‘कॉल बिफोर यू डिग’ (सड़क खोदने से पहले फोन करो) नामक एप बनाया है।
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यह एप न केवल दूरसंचार क्षेत्र की 37 लाख किमी लंबाई में बिछी भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल को सुरक्षित रखेगा, बल्कि पेयजल पाइपलाइन, बिजली के वायर, गैस पाइपलाइन आदि भी बचाने में मदद देगा। इनके टूटने से नागरिकों को होने वाली समस्याएं भी खत्म होंगी। एप पर करीब 25 हजार ऐसे संस्थानों, एजेंसियों व कार्यालयों ने पंजीकरण करवाया है, जिनके काम इस भूमिगत ढांचे से जुड़े हैं। एप में संबंधित एजेंसियों के फोन नंबर दिए गए हैं, जिससे खोदाई करवा रहीं एजेंसियां उनसे संपर्क कर सकेंगी।
यह खोदाई को समन्वय के साथ पूरा करने, भूमिगत ढांचों को टूटने से बचाने, काम के सभी चरणों की जानकारी संबंधित एजेंसियों को देने, आदि में मदद करेगा। गति शक्ति योजना के तहत सरकार देश के बुनियादी ढांचे का तेज विकास कर रही है। खुद पीएम का लक्ष्य है कि भारत 21वीं सदी में महज समन्वय की कमी की वजह से देश को वित्तीय या समय का नुकसान न हो।
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खोदाई से नुकसान के आंकड़ों में हालात
37 लाख किमी ऑप्टिकल फाइबर बिछी है देश में।
10 लाख बार हर साल कटते हैं दूरसंचार क्षेत्र के वायर।
3,000 करोड़ रुपये का सालाना नुकसान उठाता है सेक्टर।