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चिंताजनक: गोद में लैपटॉप और जेब में मोबाइल रखने से पुरुषों में नपुंसकता का खतरा, स्पर्म काउंट कम होने का जोखिम

Thu, 07 Aug 2025 05:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

अध्ययन से पता चला है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के कारण पुरुषों में बांझपन और नपुंसकता का खतरा बढ़ सकता है। इस अध्ययन में जिन पुरुषों के सैंपल लिए गए, उनकी उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच थी और टीम ने उनके खानपान, जीवनशैली, कार्यस्थल पर जोखिम और आदतों का भी अध्ययन किया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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 क्या आपने कभी सोचा है कि लैपटॉप को गोद में रखना या फिर पैंट की जेब में मोबाइल फोन रखना आपके स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि एक अध्ययन में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

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हाल ही में कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) के जूलॉजी विभाग की जेनेटिक्स रिसर्च यूनिट और इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन (आईआरएम) एक नए अध्ययन से पता चला है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के कारण पुरुषों में बांझपन और नपुंसकता का खतरा बढ़ सकता है। इस अध्ययन में जिन पुरुषों के सैंपल लिए गए, उनकी उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच थी और टीम ने उनके खानपान, जीवनशैली, कार्यस्थल पर जोखिम और आदतों का भी अध्ययन किया।
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1200 मरीजों पर अध्ययन
अध्ययन में सामने आया है कि लंबे समय तक गोद में लैपटॉप रखना और पैंट की जेब में मोबाइल फोन रखना पुरुषों में बांझपन और यहां तक कि नपुंसकता का खतरा बढ़ा सकता है।

  • आईआरएम में बांझपन के इलाज के लिए आने वाले पुरुष मरीजों को इस रिसर्च में शामिल किया गया। इसमें महिला बांझपन के मामले और अवरोधक पुरुष बांझपन (जो शारीरिक विकृति के कारण होता है) को शामिल नहीं किया गया। 1,200 मरीजों पर यह अध्ययन किया गया।
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