कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अपने अंतरिम आदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रत्येक दुर्गा पूजा क्लब को दान में दिए गए रुपये का इस्तेमाल पुलिस और सार्वजनिक संबंध को बेहतर बनाने और मास्क, सैनिटाइजर और फेस शील्ड की खरीद के लिए किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि इसका इस्तेमाल किसी अन्य मनोरंजन प्रयोजनों के लिए नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि 50,000 रुपये के अनुदान का 75 फीसदी कोरोना सुरक्षा उपकरणों की खरीदारी पर और बाकी का पुलिस और सार्वजनिक संबंध को बेहतर बनाने पर करना होगा। न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी और अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि राज्य द्वारा दुर्गा पूजा समितियों को दिए गए धन का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है और खरीद बिलों को लेखा परीक्षा के लिए अधिकारियों को प्रस्तुत करना होगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 सितंबर को राज्य में 36,946 दुर्गा पूजा समितियों में से प्रत्येक के लिए 50,000 रुपये के अनुदान की घोषणा की थी। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। कोविड-19 के चलते इस बार आयोजन भव्य तरीके से नहीं होगा लेकिन गाइडलाइन का पालन करते हुए दुर्गा पूजा पंडाल समिति अपने-अपने स्तर पर इसे मनाएंगी।