मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगननम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को जांच पूरी होने देनी होगी और यदि उनके बाद कोई शिकायत है, तो उनके लिए उपयुक्त मंच के समक्ष प्रस्तुत करना उचित होगा।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने उत्तर 24 परगना जिले के दत्तपुकुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के संबंध में दायर दो जनहित याचिकाएं मंगलवार को खारिज कर दीं। इनमें विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। दरअसल, 27 अगस्त को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी।
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कोर्ट ने पाया कि याचिकाएं समय से पहले दाखिल कर दर गई हैं। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगननम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को जांच पूरी होने देनी होगी और यदि उनके बाद कोई शिकायत है, तो उनके लिए उपयुक्त मंच के समक्ष प्रस्तुत करना उचित होगा। याचिकाकर्ताओं में से एक भाजपा के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी थे।
एनआईए की ओर से पेश डिप्टी सॉलिसिटर जनरल बिलवाडल भट्टाचार्य ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों की एक टीम ने साइट का दौरा किया और उन्होंने पाया कि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के प्रावधानों को एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों को एफआईआर में शामिल किया गया है।