'वर्तमान सरकार नेताजी को 'आइकन' की तरह सम्मान दे रही है'
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वाईजे दस्तूर ने याचिका में तकनीकी कमियों का हवाला देते हुए कहा कि यह विचार योग्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी को पूर्व की सरकारों ने नजरअंदाज किया था। वर्तमान सरकार नेताजी को एक 'आइकन' की तरह सम्मान दे रही है और देश की आजादी की प्रक्रिया में उनके योगदानों को पहचान दे रही है।
उधर, राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने कहा कि झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल न किए जाने के फैसले के कारण को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ कोई संवाद नहीं हुआ है। बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने झांकी को शामिल न करने के फैसले के प्रति जोरदार आपत्ति जताई है और केंद्र सरकार पर नेताजी का अपमान करने का आरोप लगाया है।