कलकत्ता हाईकोर्ट ने हावड़ा, हुगली और बंगाल के अन्य स्थानों पर रामनवमी से शुरू हुई हिंसा को लेकर तीखी टिप्पणी की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की खंडपीठ ने हनुमान जयंती के मद्देनजर सरकार से कहा, अगर पुलिस हालात संभाल नहीं पा रही है तो अर्धसैनिक बलों की मदद लीजिए। अदालत ने ये भी कहा कि जिन इलाकों में धारा 144 लागू है, वहां हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा ना निकाली जाए।
इस निर्देश के बाद ममता सरकार ने कोलकाता, चंदननगर और बैरकपुर में सीआरपीएफ तैनात किया है। प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि इलाज से परहेज बेहतर है। अदालत ने इसके साथ केंद्र को राज्य से अनुरोध प्राप्त होने पर ऐसी तैनाती के लिए त्वरित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने राज्य पुलिस की खुफिया शाखा को मजबूत करने और ऐसे किसी भी पूर्व नियोजित हमले या हिंसा को रोकने के लिए सभी कदम उठाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इसके साथ ही जुलूस वाले मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और वीडियोग्राफी का निर्देश दिया है।
त्योहार को लेकर किसी भी प्रकार की बयानबाजी पर रोक : अदालत ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोई भी राजनीतिक शख्सियत, नेता या आम आदमी बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले त्योहार को लेकर जनता या मीडिया के सामने कोई बयान नहीं देगा। पुलिस के पास अप्रिय घटनाओं को देखते हुए किसी भी जुलूस के मार्ग को प्रतिबंधित करने का अधिकार होगा।
जुलूस के लिए गाइडलाइन तैयार कर रही पुलिस
पश्चिम बंगाल सरकार ने रामनवमी के अवसर और उसके बाद हावड़ा और हुगली हिंसा की रिपोर्ट बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष पेश की। कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार के पास हनुमान जयंती पर रैलियां आयोजित करने के लिए 2,000 के करीब आवेदन आए हैं। इस पर कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि हनुमान जयंती पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। कोर्ट ने कहा, बुधवार से ही पुलिस रूट मार्च करे, ताकि लोगों में आत्मविश्वास बढ़े। इसके साथ ही राज्य सरकार इस बात का भी ध्यान रखे कि जिला अदालतों में सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। उनके काम-काज में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं हो। कोर्ट में एजी सौमेंद्रनाथ मुखर्जी ने बताया कि पुलिस जुलूस के लिए एक गाइडलाइन तैयार कर रही है। अदालत ने राज्य सरकार को सुनवाई की अगली तारीख पर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा।
जज के परिजन को नहीं मिली पुलिस सहायता
यह देखते हुए कि हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश से एक पत्र प्राप्त हुआ है, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायाधीश ने इसमें खेद व्यक्त किया है कि वह रिसड़ा में रहने वाले अपने परिवार के लिए पुलिस सहायता प्राप्त करने में असमर्थ थे। उन्होंने पत्र में कहा कि अशांति के दौरान वह खुद रिसड़ा के आवास पर थे और डायमंड हार्बर वापस जाने के बाद उन्हें अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा की चिंता थी। पीठ ने राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिला न्यायपालिका के न्यायाधीश अपने न्यायिक कर्तव्यों का निर्वहन करने की स्थिति में हों और सुरक्षा के लिए उनकी ओर से किए गए किसी भी अनुरोध को माना जाना चाहिए।
हनुमान जयंती को लेकर बढ़ी सतर्कता
पश्चिम बंगाल सरकार ने हनुमान जयंती पर शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तीन कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है। सीआरपीएफ के जवानों को कोलकाता, चंदननगर और बैरकपुर में तैनात किया जाएगा।
बंगाल की प्रमुख हस्तियों ने जताई चिंता
फिल्म निर्माता व अभिनेत्री अपर्णा सेन सहित पश्चिम बंगाल की 13 हस्तियों ने राज्य में कुछ समूहों की ओर से की जा रही ध्रुवीकरण की राजनीति में वृद्धि पर चिंता जताई है और प्रशासन से आम लोगों के जीवन एवं संपत्तियों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आह्वान किया।
अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती का फैसला किया
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने हनुमान जन्मोत्सव के दौरान तीन जिलों हुगली, बैरकपुर और कोलकाता में अर्धसैनिक बलों को तैनात करने का बुधवार को फैसला किया। फैसला मुख्य सचिव एच. के. द्विवेदी द्वारा राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में लिया गया। अधिकारी ने बतायास कि राज्य में संवेदनशील क्षेत्रों और उन जगहों पर भी पर्याप्त संख्या में राज्य पुलिस बल तैनात होंगे, जहां हाल ही में हिंसा देखी गई थी। इसके अलावा हमने कोलकाता, हुगली और बैरकपुर में अर्धसैनिक बलों की तीन कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है।
बंगाल में करीब 500 कार्यक्रम आयोजित करेगी विहिप
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने गुरुवार को पूरे राज्य में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में करीब 500 कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। विहिप के राष्ट्रीय सहायक सचिव सचिंद्रनाथ सिंह ने बताया कि राज्य में हनुमान जयंती की शोभायात्राओं में कोई भी व्यक्ति हथियार के साथ शामिल नहीं होगा। हम अधिक संख्या में शोभायात्रा नहीं निकालेंगे, लेकिन कुछ शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।
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