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शिक्षक भर्ती घोटाला: क्या CM ममता के भतीजे से CBI-ED करेगी पूछताछ? कोर्ट ने खारिज की अभिषेक बनर्जी की याचिका

Thu, 18 May 2023 03:48 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

शिक्षक भर्ती मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष की शिकायत में टीएमसी महासचिव का नाम सामने आया था। घोष ने आरोप लगाया था कि भर्ती मामले में अभिषेक बनर्जी का नाम लेने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा उन पर दबाव डाला जा रहा था।  जिसके बाद स्कूल भर्ती घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए बनर्जी को पेश होने के लिए कहा गया था।
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तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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टीएमसी के महासचिव और सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से करारा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपने पिछले आदेश को बरकरार रखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। दरअसल, हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में केंद्रीय एजेंसियां जैसे सीबीआई और ईडी उनसे पूछताछ कर सकती हैं। इस आदेश को वापस लेने के लिए टीएमसी नेता ने हाईकोर्ट में एक दूसरी याचिका दाखिल की थी। 

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कलकत्ता हाईकोर्ट की जज अमृता सिन्हा ने याचिका खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए नेता कुंतल घोष से उनके उस आरोपों के संबंध में पूछताछ करने की भी अनुमति दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मामले में अभिषेक बनर्जी का नाम लेने के लिए केंद्रीय एजेंसियों पर दबाव डालने का आरोप लगाया गया था। इतना ही नहीं अभिषेक बनर्जी और कुंतल घोष पर अदालत ने 25-25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

गौरतलब है कि कुंतल घोष वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में भर्ती में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में सीबीआई की हिरासत में हैं।
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सीबीआई-ईडी कर सकते हैं टीएमसी महासचिव से पूछताछ 
अब जबकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को वापस लेने की याचिका खारिज कर दी है  तो ऐसे में शिक्षक भर्ती मामले की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक से पूछताछ का रास्ता साफ हो गया है। 

क्या था मामला
दरअसल, शिक्षक भर्ती मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष की शिकायत में टीएमसी महासचिव का नाम सामने आया था। घोष ने आरोप लगाया था कि भर्ती मामले में अभिषेक बनर्जी का नाम लेने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा उन पर दबाव डाला जा रहा था।  जिसके बाद स्कूल भर्ती घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए बनर्जी को पेश होने के लिए कहा गया था। घोष इस मामले में आरोपी हैं।

13 अप्रैल को अपने आदेश में हाईकोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों को पूछताछ के लिए अनुमति दी थी
इससे पहले, न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने 13 अप्रैल को अपने आदेश में कहा था कि आरोपी कुंतल घोष से केंद्रीय एजेंसियां अभिषेक बनर्जी के साथ पूछताछ कर सकती हैं। इसके बाद डायमंड हार्बर से टीएमसी सांसद बनर्जी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था। जहां उनके वकीलों ने न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय के एक समाचार चैनल पर इंटरव्यू का हवाला दिया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर टीएमसी नेता के खिलाफ बात की थी। इसको ध्यान में रखते हुए 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर कलकत्ता हाई कोर्ट के तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने दो मामलों - सोमेन नंदी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य और रमेश मलिक बनाम पश्चिम बंगाल राज्य को न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की अदालत से लेकर न्यायमूर्ति सिन्हा को सौंप दिया था।  

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