कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगनम ने मंगलवार को पिछले सप्ताह वकीलों को कथित रूप से भीड़ द्वारा परेशान करने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया। साथ ही उन्होंने मामले की सुवनाई के लिए तीन जजो के पीठ का गठन किया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगनम ने मंगलवार को पिछले सप्ताह वकीलों को कथित रूप से भीड़ द्वारा परेशान करने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया। उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए तीन न्यायाधीशों की पीठ गठित की, जिसमें न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी, न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज शामिल हैं।
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बता दें कि यह घटना 25 अप्रैल को हुई थी, जब वरिष्ठ वकील विकास रंजन भट्टाचार्य और उनके सहयोगियों को उच्च न्यायालय भवन के सामने घेर लिया गया। साथ ही उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। मामले में वकीलों की ओर से लगाए गए आरोपों को अनुसार यह घटना कुछ वादियों से जुड़ी हो सकती है।
कलकत्ता हाईकोर्ट का एक्शन
मामले में कलकत्ता हईकोर्ट केमुख्य न्यायाधीश ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को स्थानीय पुलिस उपायुक्त को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया। इसके अलावा मुक्य न्यायाधीश ने राज्य के महाधिवक्ता से भी हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
इस सप्ताह के अंत में होगी सकती है सुनवाई
इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सोमवार को निर्देश दिया कि इस मामले में याचिकाएं दर्ज की जाएं और संबंधित नोटिस महाधिवक्ता, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और बार एसोसिएशन के सचिवों के कार्यालय में पालन किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश के एक्शन के बाद मामले की सुनवाई इस सप्ताह के अंत में होने की संभावना है।