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WB: 'संस्थान के कार्यक्रमों में राजनीतिक पदाधिकारियों को न बुलाएं', जादवपुर यूनिवर्सिटी को हाईकोर्ट का निर्देश

Thu, 27 Mar 2025 05:03 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कलकत्ता हाई कोर्ट ने जादवपुर यूनिवर्सिटी को आदेश दिया है कि वह अपने कार्यक्रमों में किसी भी राजनीतिक नेता को आमंत्रित न करे। कोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम केवल शिक्षाविदों की भागीदारी से होने चाहिए।
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कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जादवपुर विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि वह संस्थान की तरफ से आयोजित कार्यक्रमों में किसी भी राजनीतिक पदाधिकारी को आमंत्रित न करे। न्यायमूर्ति चैताली चटर्जी (दास) की पीठ ने निर्देश दिया कि समारोह केवल शिक्षाविदों की भागीदारी के साथ आयोजित किए जाने चाहिए।
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हाईकोर्ट ने पूछा- स्थिति अनुकूल नहीं थी क्यों गए मंत्री?
वहीं विश्वविद्यालय परिसर में पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के वाहन को कथित रूप से क्षतिग्रस्त करने के मामले में मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने सवाल किया कि अगर वहां की स्थिति अनुकूल नहीं थी तो मंत्री ने परिसर का दौरा करने का निमंत्रण क्यों स्वीकार किया?।

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विश्वविद्यालय में अराजकता के आरोप पर हाईकोर्ट में सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट जादवपुर विश्वविद्यालय में अराजकता और अनुशासनहीनता का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी और संस्थान में व्यवस्था बहाल करने में अदालत के हस्तक्षेप की मांग की थी। मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ खास राजनीतिक संबद्धता वाले छात्रों के एक गुट उपद्रव कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने विश्वविद्यालय और हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस या केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की थी। 
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सुरक्षा के लिए राज्य सरकार से मांगनी चाहिए मदद- हाई कोर्ट
कोर्ट ने यूनिवर्सिटी से कहा कि केवल छात्रों को ही कैंपस और हॉस्टल में रहने की अनुमति होनी चाहिए। साथ ही, यूनिवर्सिटी को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार से मदद मांगनी चाहिए। अभी यूनिवर्सिटी की सुरक्षा निजी एजेंसियों की तरफ से देखी जा रही है, लेकिन कोर्ट ने इस पर संदेह जताया कि क्या ये एजेंसियां पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।  कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को तीन हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी।

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