बीते दिनों हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले पीएम मोदी ने दो महीने तक बारीक निगरानी की थी। इस दौरान सभी के कामकाज पर निगरानी रखी गई। इतना ही नहीं मंत्रियों और मंत्रालयों को श्रेणीबद्ध भी किया गया और टैलेट सेलेक्शन प्रॉसेस चलाया गया। जिसके तहत कई सासंदों का मूल्यांकन कर उनमें से 19 को मंत्री बनाया गया।
अंग्रेजी अखबार इकॉनमिक टाइम्स की खबर के अनुसार यह काम पार्टी और सरकार में पीएम के विश्ववसनीय लोगों की टीम ने यह काम किया था। जिस पर आखिरी फैसला पीएम मोदी का था। इस रिपोर्ट के मुताबिक पीएम ने अधिकारियों से कहा था कि संसद का मानसून सत्र शुरु होने और अफ्रीकी देशों की यात्रा के 10-12 दिन पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल में हो जाना चाहिए।
मंत्रियों को जिन पर मानकों पर परखा गया उसमें उनके कामकाज के साथ साथ ईमानदारी, सार्वजनिक छवि, स्टाफ और सहयोगियों के साथ रवैया और सरकार की सोच के मुताबिक काम करना और राज्यों से तालमेल शामिल था।