महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राज्य मंत्रिमंडल के आसन्न विस्तार की चर्चा के बीच बुधवार रात दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। शिंदे और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के लगभग एक महीने बाद भी मंत्रिमंडल आकार नहीं ले पाया है। शिंदे शाम सात बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि वह रात नौ बजे महाराष्ट्र सदन पहुंचेंगे।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय के अनुसार वह शिंदे के साथ नहीं होंगे। यह भी स्पष्ट नहीं है कि शिंदे दिल्ली से महाराष्ट्र कब लौटेंगे। शिंदे ने अपने पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे के इस्तीफा देने के दो दिन बाद 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी क्योंकि शिंदे और शिवसेना के 39 विधायकों के विद्रोह के कारण उनकी सरकार अल्पमत में आ गई थी। सीएम का पदभार संभालने के बाद शिंदे का दिल्ली का यह पांचवां दौरा होगा।
इससे पहले शिंदे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा नेताओं से मिलने दिल्ली गए थे। एक अन्य यात्रा में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ शिवसेना के 12 सांसदों के एक अलग समूह के साथ मुलाकात की थी। वह राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे। फडणवीस ने पहले कहा था कि जल्द ही नई मंत्रिपरिषद का गठन किया जाएगा। शिवसेना सांसद संजय राउत ने विभागों के आवंटन में देरी को लेकर नई सरकार पर निशाना साधा था।
गणेश उत्सव-दही हांडी कोरोना उल्लंघन से जुडे़ मामले होंगे वापस
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए। सीएम शिंदे ने कहा कि कैबिनेट बैठक में आज गणेश उत्सव और दही हांडी (कृष्ण जन्माष्टमी) के संबंध में पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन में मार्च 2022 तक के सभी मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले भी वापस लिए जाएंगे। साथ ही कहा कि हमारा स्वास्थ्य विभाग मंकीपॉक्स के लिए अलर्ट पर है और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।