फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्रियों के कामकाज को लेकर सरकार सख्त, तरक्की के लिए देनी होगी अच्छी परफॉरमेंस

Fri, 01 Sep 2017 11:14 PM IST
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
bjp
विज्ञापन
रविवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रियों के नपने और उनके तरक्की का मुख्य आधार कामकाज का प्रदर्शन रहेगा। यही वजह है कि विस्तार की साईज बेहद बड़ी रहने वाली है।
विज्ञापन


पढ़ें: 3 सितंबर को होगा केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल, बंडारू दत्तात्रेय समेत 12 की छुट्टी, 6 की तरक्की

सरकार के तीन साल बीत जाने के बाद पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों के काम का पूरा अवलोकन किया है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के काम का पैमाना नापने के लिए पीएम मोदी ने उनके टेबल पर लंबित रहने वाली फाइलों और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की रफ्तार को आधार बनाया है।

पढ़ें: पीएम मोदी ने IT अफसरों की ली क्लास, कहा- सुधारें काम का तरीका

जो मंत्री इन दोनों पैमानों पर खरा नहीं उतरेंगे उन्हें पीएम मोदी दंण्डित कर सकते हैं। इसके अलावा ओबीसी आयोग के राज्यसभा में पारित होने वाले दिन सदन से बिना कारण नदारद रहने वाले मंत्रियों को भी पीएम मोदी दंण्डित कर सकते हैं। 
विज्ञापन
Trending Videos

टेबल पर फाइलें लटकाना कई मंत्रियों को पड़ सकता है भारी 

pm modi
टेबल पर फाइलें लटकाने का शौक कई मंत्रियों को भारी पड सकता हैं। बताया जा रहा है कि पीएमओ ने चंद माह पहले सभी मंत्रियों के कार्यालय से फाइलों के निपटान की स्थिति का एक गहन आंकलन करवाया है।

इसके लिए मंत्रियों को अंक भी आवंटित किए गए हैंं। फाईल निपटान के मामले में कम अंक लाने वाले मंत्रियों को सरकार से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। 

मोदी का दिल पसीजा तो धमेंद्र और पीयूष की होगी तरक्की
बताया जा रहा है कि उर्जा मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज का प्रदर्शन दुरूष्त रहने के बावजूद भी उनके पद्दोनत्ती की राह में एक बडा संकट है। ये दोनों ही मंत्री संसद के बीते सत्र में पीएम मोदी के पसंदीदा ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के समय राज्यसभा में हुई वोटिंग से नदारद थे।

इनके अलावा निर्मला सितारमन, रवि शंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, एमजे अकबर और विजय गोयल सरीखे मंत्री भी वोटिंग के दौरान संसद में नहीं थे। तब निर्मला सरकारी आयोजन के लिए चीन के दौरे पर थीं।

स्मृति भी गुजरात के निकाय चुनावों में प्रचार के लिए गई थीं। जबकि विजय गोयल अस्पताल में शामिल थे। लेकिन कुछ मंत्री दिल्ली में रहते हुए सदन से नदारद थे उसे लेकर पीएम मोदी की नाराजगी अभी बनी हुई है।

सूत्र बताते हैं कि सत्र के दौरान सदन में बेपरवाह रहने वाले मंत्रियों को भी पीएम मोदी दंडित कर सकते हैं। पीएम मोदी के इसी गुस्से का ​शिकार पीयूष और धर्मेंद्र हो सकते हैं। यदि इन दोनों मंत्रियों के काम को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी का दिल पसीजा तो इनकी तरक्की तय है।

पसंदीदा उज्जवला योजना को जमीन पर उतारने के मामले को लेकर धमेंद्र प्रधान के कामकाज से पीएम खुश हैं। तो पीयूष का प्रदर्शन भी उर्जा मंत्रालय में बढिया रहा है। 
 
विज्ञापन

पसंदीदा योजनाओं का प्रदर्शन भी है मंत्रिमंडल विस्तार का पैमाना 

Ministers
मंत्रिमंडल विस्तार में पीएम मोदी के पसंदीदा योजनाओं के प्रदर्शन से भी मंत्रियों का भाग्य जुडा है। नमामि गंगे अभियान के जमीन पर न उतर पाने का खामियाजा उमा भारती को भूगतना पडा है।

तो रूढी की छूट्टी के पीछे कौशल विकास योजना की असफलता को कारण माना जा रहा है। स्मार्ट सिटी, किसानों की आय दोगुनी, बेटी बचाओ बेटी पढाओ और सांसद आदर्श ग्राम सरीखे पीएम मोदी की अहम पसंदीदा योजनाएं भी जमीन पर धडाम रही है। इसे ध्यान में रखते हुए इन विभागों के मंत्रियों के कामकाज में बदलाव होगां।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें