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Venus Orbiter Mission: गगनयान-चंद्रयान-4 के बाद अगला लक्ष्य वीनस ऑर्बिटर मिशन; इंसान को चांद पर भेजने की कवायद

Wed, 18 Sep 2024 03:38 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Cabinet decisions: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि चंद्रयान-4 मिशन के विस्तार के साथ तमाम अन्य फैसलों को मंजूरी दी गई है। इसमें गगनयान का विस्तार और शुक्र ग्रह पर भी मिशन भेजने की योजना है।
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अश्विनी वैष्णव - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और प्रदर्शित करने के लिए नए चंद्र मिशन चंद्रयान-4 को मंजूरी दी है।
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चंद्रयान-4 का मिशन चंद्रमा पर मानव को भेजना
वहीं केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, चंद्रयान-4 मिशन का विस्तार किया गया है और इसका अगला कदम चंद्रमा पर मानव मिशन भेजना है। इस दिशा में सभी प्रारंभिक चरणों को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही वीनस ऑर्बिटर मिशन, गगनयान फॉलो-ऑन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और अगली पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल विकास को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि चंद्रयान-4 मिशन के तहत चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी को पृथ्वी पर लाया जाएगा। 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने की योजना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए कहा गया है कि चंद्रयान-4 मिशन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने (वर्ष 2040 तक नियोजित) और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए मूलभूत प्रौद्योगिकियों को प्राप्त करेगा। इसमें डॉकिंग/अनडॉकिंग, लैंडिंग, पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी और चंद्र नमूना संग्रह और विश्लेषण को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रमुख प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
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चंद्रयान-4 के लिए 2,104 करोड़ रुपये की जरूरत
जानकारी के मुताबिक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन चंद्रयान-4 के लिए कुल निधि की आवश्यकता 2,104.06 करोड़ रुपये है। वहीं इसरो अंतरिक्ष यान के विकास और प्रक्षेपण के लिए जिम्मेदार होगा। उद्योग और शिक्षाविदों की भागीदारी के साथ इस मिशन के अनुमोदन के 36 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। सभी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को स्वदेशी स्तर पर विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है।

शुक्र ग्रह परिक्रमा मिशन को दी गई मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्र ग्रह पर वैज्ञानिक अन्वेषण और शुक्र ग्रह के वायुमंडल, भूविज्ञान को बेहतर ढंग से समझने और इसके घने वायुमंडल की जांच कर बड़ी मात्रा में वैज्ञानिक आंकड़े जुटाने के लिए शुक्र ग्रह परिक्रमा मिशन (वीओएम) को भी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने भारी-भरकम अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान को पृथ्वी की निचली कक्षा में 30 टन का पेलोड स्थापित करने की मंजूरी दी है।

पीएम मोदी ने कैबिनेट के फैसले पर जताई खुशी
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर केंद्रीय कैबिनेट की फैसले पर खुशी जताते हुए लिखा- अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गगनयान कार्यक्रम का विस्तार करते हुए भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) की दिशा में पहला कदम उठाने को मंजूरी दे दी है! यह ऐतिहासिक निर्णय हमें 2035 तक एक आत्मनिर्भर अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 तक मानवयुक्त चंद्र मिशन के और करीब ले आया है! 
चंद्रयान-4 को लेकर बोले नंबी नारायणन 
वहीं पूर्व इसरो वैज्ञानिक और पद्म भूषण नंबी नारायणन ने कहा कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसरो के भविष्य के कार्यक्रमों, विशेष रूप से चंद्रयान-4 के लिए बड़ी रकम को मंजूरी दी है, यह एक बहुत ही महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है और इस समय सीमा 12 साल की है।
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