केन्द्र सरकार के अस्पतालों में कार्यरत नॉन टीचिंग डॉक्टर्स और सेंट्रल हेल्थ सर्विसेज के डॉक्टर्स की सेवानिवृति की उम्र 62 से 65 करने पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इस फैसले का लाभ जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) और सेंटर हेल्थ सर्विसेज के सब कैडर के चिकित्सकों को मिलेगा। पिछले माह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिकित्सकों की उम्र सीमा बढ़ाने की घोषणा की थी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से मरीजों को लाभ मिलेगा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने में भी मदद मिलेगी।
वर्ष-2006 से पहले चिकित्सकों की सेवानिवृति की उम्र 60 वर्ष थी जिसे दो नवंबर को बढ़ाकर 60 से 62 कर दिया गया था। चिकित्सकों की सेवानिवृति की उम्र 62 से 65 करने पर वर्ष-2008 से चर्चा चल रही थी और इसे लेकर पांच जून-2008 को कैबिनेट में चर्चा भी हुई थी।