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केंद्र का फैसला: कैबिनेट ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान को आगे बढ़ाने की दी मंजूरी, 2025-26 तक बढ़ाया गया 

Wed, 13 Apr 2022 10:49 PM IST
Amit Mandal एएनआई, नई दिल्ली

सार

कैबिनेट ने कहा कि देश भर में पारंपरिक निकायों सहित ग्रामीण स्थानीय निकायों के लगभग 60 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि, पदाधिकारी और अन्य हितधारक इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी होंगे।
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अनुराग ठाकुर - फोटो : ani
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विस्तार
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केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को 5,911 करोड़ रुपये के खर्च के साथ 2025-26 तक राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) को जारी रखने की मंजूरी दी है। सीसीईए ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस योजना के कुल वित्तीय परिव्यय में केंद्रीय हिस्सा 3,700 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 2,211 करोड़ रुपये है। इसने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) की शासन क्षमताओं को विकसित करने के लिए 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 (15वें वित्त आयोग की अवधि के साथ सह-टर्मिनस) की अवधि के दौरान आरजीएसए की संशोधित केंद्र प्रायोजित योजना को लागू करने के लिए अनुमोदित किया गया है। 

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कैबिनेट ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों को मुख्य रूप से गांवों में गरीबी मुक्त और बढ़ी आजीविका, स्वस्थ गांव, बच्चों के अनुकूल गांव, पानी पर्याप्त गांव, स्वच्छ और हरे गांव, गांव में आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से प्राथमिकता दी जाएगी। एसडीजी की प्राप्ति में पंचायतों की भूमिकाओं को पहचानने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानदंडों के आधार पर प्रोत्साहन के माध्यम से पंचायतों को मजबूत किया जाएगा।

योजना के तहत कोई स्थायी पद नहीं बनाया जाएगा, लेकिन योजना के कार्यान्वयन की निगरानी और योजना के तहत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यकता आधारित संविदा कर्मियों का प्रावधान किया जा सकता है। कैबिनेट ने कहा कि देश भर में पारंपरिक निकायों सहित ग्रामीण स्थानीय निकायों के लगभग 60 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि, पदाधिकारी और अन्य हितधारक इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी होंगे।
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खनन अनुपयुक्त भूमि को उपयोगी बनाने के लिए सीबीए बिल को हरी झंडी
सरकार ने खनन के लिए अनुपयुक्त जमीन को उपयोगी बनाने और कोयला क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने को कोयला युक्त क्षेत्र (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम, 1957 (सीबीए कानून) के तहत अधिग्रहीत भूमि के उपयोग नीति को मंजूरी दी है।

सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत खनन की जा चुकी या व्यावहारिक रूप से खनन अनुपयोगी जमीन को उपयोगी बनाने के लिए कोयला युक्त क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस नीति में कोयला और ऊर्जा से संबंधित आधारभूत संरचना के विकास तथा स्थापना के उद्देश्य से ऐसी भूमि के उपयोग का प्रावधान है। कैबिनेट ने कहा कि कोल इंडिया लि. जैसी सरकारी कोयला कंपनियों के पास सीबीए कानून के तहत अधिग्रहीत जमीन का स्वामित्व रहेगा।

सेबी और कनाडा की मनितोबा सिक्योरिटी कमीशन में करार को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और कनाडा के मनितोबा सिक्योरिटजी कमीशन के बीच करार को मंजूरी दे दी। द्विपक्षीय औपचारिक समझौते से प्रतिभूति नियमों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके जरिये दोनों पक्षों में परस्पर सहयोग, निगरानी कार्यों में कुशल प्रदर्शन के लिए योगदान, प्रतिभूति बाजारों को नियंत्रित करने के लिए कानून और नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम बनाना है। इस समझौते से मनितोबा के निवेशक  सेबी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के तौर पंजीकरण करने के लिए पात्र होंगे। इस एमओयू से 2665 करोड़ की संपत्ति वाले मनितोबा के एफपीआई को लाभ होगा।
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