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सीएए: बयान को लेकर बैकफुट पर आए कपिल सिब्बल, अब बोले- जारी रहेगी लड़ाई

Sun, 19 Jan 2020 10:45 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कपिल सिब्बल-सलमान खुर्शीद-जयराम रमेश (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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कांग्रेस लगातार नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध कर रही है। पार्टी ने इसे असंवैधानिक और धर्म के आधार पर बांटने वाला बताया है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि राज्यों का सीएए लागू करने से मना करना असंवैधानिक है। उनका यह बयान उनकी पार्टी के स्टैंड के खिलाफ है। इसी कारण रविवार को उन्होंने अपने पिछले बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि यदि उच्चतम न्यायालय इसे संवैधानिक करार देती है तो इसका विरोध करना मुश्किल हो जाएगा। मगर हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

लड़ाई जारी रहेगी: कपिल सिब्बल

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अपने बयान पर सफाई देते हुए ट्विटर पर लिखा, 'मेरा मानना है कि सीएए असंवैधानिक है। हर राज्य विधानसभा के पास यह संवैधानिक हक है कि वह प्रस्ताव पारित कर सकती है और इसे वापस लेने की मांग कर सकती है। यदि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कानून को संवैधानिक घोषित कर दिया जाता है तो उसका विरोध करना मुश्किल हो जाता है। लड़ाई जारी रहेगी।'

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सुप्रीम कोर्ट को करना है अंतिम फैसला: सलमान खुर्शीद

कपिल सिब्बल के बयान का एक तरह से समर्थन करते हुए पार्टी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, 'यदि उच्चतम न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करती है तो यह कानून की पुस्तक में रहेगी। यदि कुछ कानून की पुस्तक में रहता है तो आपको कानून का पालन करना होगा वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे। जहां तक इस कानून का संबंध है यह ऐसा मामला है जहां राज्य सरकारों के बीच केंद्र के साथ गहरा मतभेद है। इसलिए हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का इंतजार करेंगे। अंततः अदालत तय करेगा और तब तक सब कुछ कहा/ किया/ नहीं किया गया है वह अल्पकालीन और अस्थायी है।'

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ये है एक राजनीतिक प्रस्ताव: जयराम रमेश

जयराम रमेश ने भी सिब्बल के बयान से मिलती-जुलती टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 
'मैं उतना निश्चित नहीं हूं कि जो राज्य सरकारें ये कह रही है कि वे ये कानून लागू नहीं करेंगे उनका अदालत में कितना पक्ष सुना जाएगा, मुझे पता है कि केरल सरकार ने एक प्रस्ताव पास किया है, लेकिन ये एक राजनीतिक प्रस्ताव है। ये न्यायिक प्रक्रिया का कितना सामना कर पाएगा इस बारे में मैं 100 फीसदी सुनिश्चित नहीं हूं।'

राज्यों के पास नहीं है केंद्र के कानून को लागू न करने का अधिकार: कांग्रेस नेता

केरल साहित्य उत्सव के दौरान सिब्बल ने कहा, 'जब सीएए पारित हो चुका है तो कोई भी राज्य यह नहीं कह सकता कि मैं उसे लागू नहीं करूंगा। यह संभव नहीं है और असंवैधानिक है। आप उसका विरोध कर सकते हैं। विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं। केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग कर सकते हैं। मगर संवैधानिक रूप से यह नहीं कह सकते कि राज्य इसे लागू नहीं करेंगे। ऐसा करने से ज्यादा समस्याएं पैदा होंगी।'

कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यों का कहना है कि वे राज्य के अधिकारियों को भारत संघ के साथ सहयोग नहीं करने देंगे। आखिर वे ऐसा कैसा करेंगे? उन्होंने कहा, 'एनआरसी, एनपीआर पर आधारित है और एनपीआर को स्थानीय रजिस्ट्रार लागू करेंगे। अब गणना जिस समुदाय में होनी है वहां से स्थानीय रजिस्ट्रार नियुक्त किए जाने हैं और वे राज्य स्तर के अधिकारी होंगे। व्यावहारिक तौर पर ऐसा कैसे संभव है, यह उन्हें नहीं पता लेकिन संवैधानिक रूप से किसी राज्य सरकार द्वारा यह कहना बहुत कठिन है कि वह संसद द्वारा पारित कानून लागू नहीं करेगी।
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