उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू(फाइल फोटो)
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का भारतीय नागरिकों से कोई लेनादेना नहीं है। यह पड़ोसी देशों में अत्याचार सह रहे अल्पसंख्यकों को मदद दिलाने का कानून है।
छात्रों व पीएसजी संस्थान के शिक्षकों से बात करते हुए नायडू ने कहा, विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र में जरूरी है लेकिन इसके नाम पर हिंसा स्वीकार्य नहीं है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं वे राष्ट्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोतांत्रिक ढंग से किया जाना चाहिए।
देश की एकता और अखंडता के खिलाफ बोलने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती। नायडू ने देश में ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने की मांग की जिसमें छात्रों को देश के इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों का ज्ञान कराया जाए और इसका सम्मान करना सिखाया जाए। साथ ही हमारी भाषाओं को भी आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने लोगाें से अपनी मातृभाषा का इस्तेमाल करने की भी अपील की।