71 वर्षीय खान के वकील प्रशांत पाटिल ने बताया कि उनका निधन गुरुवार रात को हुआ और उनका शव शुक्रवार सुबह पुणे लाया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें कथित धनशोधन के मामले में 7 मार्च 2011 को गिरफ्तार किया था।
स्विस बैंकों में अरबों डॉलर जमा करने के आरोपी और आयकर विभाग, सीबीआई तथा ईडी की जांच का सामना करने वाले पुणे के कारोबारी हसन अली खान का हैदराबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया।
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71 वर्षीय खान के वकील प्रशांत पाटिल ने बताया कि उनका निधन गुरुवार रात को हुआ और उनका शव शुक्रवार सुबह पुणे लाया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें कथित धनशोधन के मामले में 7 मार्च 2011 को गिरफ्तार किया था। इस कारोबारी ने 2015 में जमानत मिलने से पहले चार साल से अधिक समय जेल में बिताया था।
इससे पहले वह खबरों में थब आए थे जब जनवरी 2007 में आयकर विभाग ने मुंबई और पुणे में उनके आवास पर तलाशी ली थी। उनके परिसर से मिले दस्तावेजों में से एक से कथित तौर पर पता चला था कि 15 जनवरी, 2007 तक उनके स्विस बैंक खातों में से एक से आठ अरब डॉलर (लगभग 36 हजार करोड़ रुपये) ट्रांसफर किए जाने वाले थे।
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ईडी ने जब खान के खिलाफ मामला दर्ज किया तो उसके पास से करीब 26.30 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। धन शोधन रोकथाम अधिनियम की विशेष अदालत ने पिछले साल खान के खिलाफ आरोप तय किए थे लेकिन सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई थी। वकील पाटिल ने कहा कि खान का मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे विशाल शक्तियों वाली केंद्रीय जांच एजेंसियां एक निर्दोष व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकती हैं।
उन्होंने कहा, 'अगर यह धनशोधन का मामला है तो धन कहां है?' उन्होंने कहा कि वह अदालत से मुकदमे को जारी रखने का अनुरोध करेंगे ताकि खान को न्याय मिल सके। खान के परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटा है।