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सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड में पीने के पानी का संकट

Sun, 27 Mar 2016 03:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झांसी

सार

  • राष्ट्रीय राजमार्ग पर खाली बर्तन रखकर लगाया जाम
  • डेढ़ घंटे तक लगी रहीं वाहनों की कतारें
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पानी की समस्या - फोटो : demo
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विस्तार
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सिंचाई की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड में अब पीने के पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। गुरसरांय में बीते एक माह से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे लोग शनिवार को सड़कों पर उतर आए। महिलाओं समेत स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर खाली बर्तन रखकर जाम लगा दिया।
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फरवरी के महीने से ही भूमिगत जल स्तर गिरने से क्षेत्र में पेयजल संकट बढ़ गया है। इलाके के दर्जनों हैंडपंप सूख गए हैं। यहां आधा दर्जन मुहल्ले पेयजल संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में पानी की समस्या से पीड़ित महिलाओं ने पुरुषों के साथ शनिवार को मऊरानीपुर मार्ग कटरा मुहल्ला की पुलिया पर जाम लगा दिया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगने से दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली तब पुलिस प्रशासन द्वारा नपा चेयरमैन को मौके पर बुलाया गया। मौके पर पहुंचे नपा अध्यक्ष गोपीनाथ बख्शी व थानाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह ने प्रदर्शनकारियों को किसी तरह समझा बुझाकर सड़क से हटाकर आवागमन शुरू कराया। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे आवागमन बाधित रहा।
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जाम लगाए बैठीं महिलाओं तथा पुरुषों ने समस्या ग्रस्त मुहल्लों में टैंकरो से पेयजल भेजे जाने का आश्वासन मिलने पर जाम खोल दिया। कसबे  के नई बस्ती, मोदी, तिराह, कटरा, धनाई, पायगा, परकोटा आदि मुहल्ले पेयजल समस्या से ग्रसित हैं। नई बस्ती में जल संस्थान की पाइप लाइन भी नहीं है। पीने का पानी हैंड पंपों से मिलता है। जैसे ही गर्मी शुरू हुई हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। क्षेत्र की महिलाओं को दूर- दूर से ढोकर पानी लाना पड़ता है।
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