मुंबई पुलिस ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि बुल्ली बाई ऐप बनाने वाले नीरज बिश्नोई ने एक सह-आरोपी को 100 प्रसिद्ध गैर-भाजपा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें भेजने के लिए कहा था। शहर की पुलिस की साइबर सेल ने पिछले हफ्ते यहां उपनगरीय बांद्रा मजिस्ट्रेट की अदालत में 2,000 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया। इसकी कॉपी बुधवार को उपलब्ध करा दी गई। पुलिस इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
वहीं, आभासी दुनिया में समुदाय विशेष की महिलाओं की बोली लगाने वाले सुल्ली डील्स और बुल्ली बाई मोबाइल एप चलाने के आरोपियों ओंकारेश्वर ठाकुर और नीरज बिश्नोई के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किए।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुल्ली डील्स एप बनाने वाले ओंकारेश्वर ठाकुर को दिल्ली पुलिस ने इस साल 8 जनवरी को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए, 153बी, 354ए(3) और आईटी एक्ट की धारा 66 व 67 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
असम में जोरहाट के दिगंबर इलाके के रहने वाले और बीटेक की पढ़ाई कर रहे नीरज बिश्नोई को 6 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 153बी, 354ए, 509 व आईटी एक्ट की धारा 66 व 67 के तहत आरोप लगाए गए हैं। दोनों के खिलाफ सीएमएम की अदालत में 4 मार्च को आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। इन दोनों ने अपनी करतूत को अंजाम देने के लिए गिटहब प्लेटफॉर्म की मदद ली थी।
दिल्ली पुलिस ने मामले में लिया था स्वत: संज्ञान
पिछले साल जुलाई माह में सुल्ली डील एप का मामला सामने आया तो सनसनी फैल गई थी। दिल्ली पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। कई महीने जांच के बाद पुलिस ने असम के जोरहाट से इस मामले के साजिशकर्ता नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। आगे की जांच में पता चला कि बुल्ली बाई एप का साजिशकर्ता भी वही है और इंटरनेट पर चैट रूम के जरिये ओंकारेश्वर ठाकुर के साथ संपर्क में था।