बुल्ली बाई एप मामले में आरोपी श्वेता सिंह और मयंक की पुलिस हिरासत शुक्रवार को खत्म हो गई। इसके बाद श्वेता को अदालत में पेश किया गया, लेकिन मयंक को नहीं पेश किया जा सका। मुंबई पुलिस ने बताया कि मयंक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इसलिए उसे अदालत के सामने पेश नहीं किया गया। हालांकि, कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।
आरोपी मयंक के वकील संदीप शेरखाने ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी श्वेता सिंह और मयंक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। श्वेता सिंह और मयंक ने बांद्रा कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। जिस पर सोमवार 17 जनवरी को सुनवाई होगी।
दोनों आरोपियों को मुंबई पुलिस ने महीने के शुरुआत में ‘बुल्ली बाई’ एप के मामले गिरफ्तार किया था, जिसके जरिये कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। श्वेता सिंह की उम्र 18 साल है जबकि रावत की उम्र 21 साल है और दोनों ने उपनगर बांद्रा की मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के तुरंत बाद जमानत की अर्जी दाखिल की।
इससे पहले मामले में पहले आरोपी विशाल झा और मामले के जांच अधिकारी भी सप्ताह के शुरुआत में कोरोना संक्रमित पाए गए थे। झा के वकील शिवम देशमुख ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत को सूचित किया कि झा और रावत कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और उनका मुंबई के कलीना इलाके स्थित कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में इलाज चल रहा है।
अदालत ने तीनो आरोपियों की ओर से दाखिल जमानत की अर्जी पर सुनवाई के लिए 17 जनवरी की तारीख तय की है और अभियोजन को इस मामले पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। वहीं, शुक्रवार को सुनवाई के दौरान श्वेता सिंह के वकील ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उनकी मुवक्किल को चांटे मारे गए हैं। इस पर मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिस को आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।