अहमदाबाद-मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ना केवल समुद्र के भीतर चलेगी बल्कि सुरंग से होकर भी गुजरेगी। समुद्र के भीतर 21 किलोमीटर दौड़ेगी तो कुल दूरी के करीब 6 प्रतिशत हिस्से में सुरंग में चलेगी। रेलवे मंत्रालय ने जापान के साथ मिलकर इसका पूरा खाका तैयार किया है। सोमवार को बुलेट ट्रेन को लेकर उच्च स्तरीय संयुक्त समिति की दूसरी बैठक जापान के टोकियो में आयोजित होगी। जहां इस प्रोजेक्ट पर काम को रफ्तार देने के लिए नियम व शर्त तय किए जाएंगे।
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा का कहना है कि ठाणे से क्रीक के अंतर्गत समुद्र के अंदर सुरंग का निर्माण करना आवश्यक है। हालांकि अभी अध्ययन कार्य जारी है। सिन्हा के अनुसार उच्च गति की यह ट्रेन तटबंधों पर 65 प्रतिशत, सेतु व पुलों पर 28 प्रतिशत, सुरंगों पर 6 प्रतिशत व कटाव पर 1 प्रतिशत ट्रैक बनाने की योजना है।यह ट्रेन मुंबई, थाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, बड़ोदरा, आनंद, अहमदाबाद, साबरमती स्टेशनों के बीच चलाने का खाका तैयार किया गया है।इस गलियारे को बनाने के लिए कुल लागत 97,636 करोड़ रुपया आंकी गई है।
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने को लेकर जापान व भारत के बीच उच्च स्तरीय संयुक्त समिति की बैठकों का दौर तेज हो गया है। जापान की यात्रा कर रहे भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया कर रहे हैं। अन्य सदस्यों में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल, वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के सचिव शक्तिकांत दास, विदेश सचिव जयशंकर व औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के सचिव रमेश अभिषेक शामिल है।
जापान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार हिरोतो इजुमी करेंगे। इस योजना के कई बिंदुओं पर 16 व 17 मई को आयोजित होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान संयुक्त समिति परियोजना के कार्यक्रम, जनरल कंसल्टेंट की नियुक्ति एवं प्रोक्योरमेंट स्थितियों से संबंधित शर्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि ऋण बातचीत एवं ऋण समझौते को अंतिम रूप पर बैठक में चर्चा होगी। ऋण समझौते को अंतिम रूप दिए जाने से पहले जनरल कंसल्टेंट की नियुक्ति होगी। जनरल कंसल्टेंट की नियुक्ति के बाद टेंडर दस्तावेजों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।