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Budget session: मोदी के मास्टर स्ट्रोक को नहीं भांप सका विपक्ष, BJP को 'विक्रम-बेताल' बन घेरेगी कांग्रेस

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 13 Mar 2023 08:02 PM IST

सार

बतौर खरगे, साउथ कोरिया में मोदी की बात का मतलब था कि 70 साल में जो कुछ इस देश में हुआ या जो उद्योगपति बढ़े, जो इन्वेस्टमेंट हुआ, उसका उन्होंने ऐसा खंडन किया कि जैसे उस वक्त के बिजनेसमेन बेकार थे। उस वक्त के लोग बेकार थे...
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Budget session: विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे - फोटो : Agency

इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा, राहुल की बात का इस सदन से कोई संबंध नहीं था।

'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'

डेमोक्रसी के बारे में राहुल गांधी ने विदेशी कॉलेजों में आयोजित सेमिनार में जो कुछ कहा था, उसे राज्यसभा में उठाया जा रहा है। ये तो नियमों के खिलाफ है। सदन के नेता पीयूष गोयल ने उनके भाषण को अपने ढंग से पेश कर दिया है। वे लोग खुद डेमोक्रसी को यहां कुचल रहे हैं। मोदी सरकार में डेमोक्रसी और संविधान की कोई जगह नहीं है। यह सरकार, जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। जैसे एक तानाशाह देश को चलाता है, वैसा ही वो काम यहां पर कर रहे हैं। बतौर खरगे, मोदी साहब के भी कई उदाहरण हैं, जहां उन्होंने ऐसे बयान दिए हैं। उन्होंने शंघाई में क्या कहा था। अगर कोई किसी कॉलेज के सेमिनार में डेमोक्रसी और संविधान पर बात करे, तो उससे देश की मर्यादा चली जाती है। वे हमें देशद्रोही बताते हैं। साउथ कोरिया में मोदी की बात का मतलब था कि 70 साल में जो कुछ इस देश में हुआ या जो उद्योगपति बढ़े, जो इन्वेस्टमेंट हुआ, उसका उन्होंने ऐसा खंडन किया कि जैसे उस वक्त के बिजनेसमेन बेकार थे। उस वक्त के लोग बेकार थे। उस वक्त के लोगों की कोई इज्जत नहीं थी। सिर्फ मोदी के सरकार में आने के बाद ही उनकी इज्जत बढ़ी है।

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खरगे यहीं पर ही नहीं ठहरे, उन्होंने कनाडा का उदाहरण भी दे दिया। वहां पीएम ने कहा था कि जिन्हें गंदगी करनी थी, वे गंदगी करके चले गए, पर हम सफाई करेंगे। सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों को अपने हाथ में लेकर हर विपक्षी पार्टी को दबाने और कुचलने की बात हो रही है। ये बिल्कुल वैसा ही जैसे 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'। जो लोग खुद डेमोक्रसी को कुचल रहे हैं, वे लोग ये सब बातें कर रहे हैं। कांग्रेस सहित विभिन्न 16-17 पार्टियों के नेता एक साथ हैं। इनकी मांग है कि अदाणी मामले की जांच के लिए ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी का गठन हो। उस मामले से ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी का मुद्दा उछाल रहे हैं। खरगे ने कहा, मुझे सदन में दो मिनट भी बोलने नहीं दिया जाता। ऐसा भेदभाव क्यों हो रहा है। सदन में अदाणी की बात उठाते ही माइक बंद कर दिया जाता है। इन मुद्दों पर कांग्रेस एवं दूसरे विपक्षी दल, मोदी सरकार का पीछा नहीं छोड़ेंगे।

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