फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

29 से संसद का बजट सत्र, 1 फरवरी को पेश होगा आम बजट

Fri, 05 Jan 2018 07:57 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली 
विज्ञापन
संसद का शीतकालीन सत्र
विज्ञापन

संसद का शीतकालीन सत्र खत्म होने के साथ सरकार ने बजट सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने जानकारी दी है कि संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि बजट सत्र की तिथियों के निर्धारण के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट के राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक हुई। इसमें बजट सत्र की तिथियों को तय कर उसकी सिफारिश की गई। 

विज्ञापन


अनंत कुमार के अनुसार 29 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर बजट सत्र की शुरुआत करेंगे। उसके बाद 30 और 31 जनवरी को छुट्टी रहेगी और 1 फरवरी को आम बजट पेश होगा। बतौर संसदीय कार्य मंत्री संसद के बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 9 फरवरी तक रहेगा।

10 फरवरी से 4 मार्च तक सत्र में अंतराल दिया गया है ताकि वित्त कमेटी और सरकार के तमाम विभाग बजट का अध्ययन कर सकें। इसके बाद बजट सत्र का दूसरा चरण 5 मार्च से शुरू होगा। बजट सत्र के दोनों चरणों को मिलाकर सदन की 31 बैठकें तय की गई हैं। 
विज्ञापन


संसद का शीतकालीन सत्र देर से बुलाने को लेकर सरकार पर बेशक जनता के मंदिर से भागने के आरोप लगे हों, मगर सरकार ने संसद के शीत सत्र को सफल करार दिया। सत्र की सफलता के लिए सरकार ने वैसे तो सभी दलों को श्रेय दिया है, मगर तीन तलाक और ओबीसी विधेयक के संसद की दहलीज पार न कर पाने को लेकर कांग्रेस पर भड़ास भी निकाली है।

विज्ञापन

ऐतिहासिक रहा सत्र 

अनंत कुमार ने कहा है कि तमाम विरोधों के बावजूद लोकसभा में तीन तलाक के बिल को पारित किया गया, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष खासतौर से कांग्रेस पार्टी ने तीन तलाक विधेयक का विरोध किया।

कुमार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वैसे तो महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं लेकिन महिला हितों के लिए आवश्यक बिल को उन्होंने राज्यसभा में पारित नहीं होने दिया। इसे लेकर जनता में कांग्रेस के लिए बड़ा रोष है। संसदीय कार्य मंत्री ने उम्मीद जताई है कि संसद के आगामी बजट सत्र में तीन तलाक और ओबीसी सरीखे दोनों ही अहम विधेयक पारित हो जाएंगे। 

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि उत्पादकता के मामले में यदि संसद के शीत सत्रों का अध्ययन करें तो कामकाज के मामले में यह सत्र ऐतिहासिक रहा है। संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर 2017 को शुरू हुआ था, जो कि 5 जनवरी 2018 को समाप्त हुआ।

सत्र के दौरान 22 दिनों की अवधि में कुल 13 बैठकें हुईं और लोकसभा में 17 विधेयक पेश किए गए। लोकसभा ने 13 और राज्यसभा ने 9 विधेयक पारित किए। संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार कामकाज के मामले में लोकसभा की उत्पादकता 91.58 प्रतिशत और राज्यसभा की 56.29 प्रतिशत रही।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें