अनंत कुमार ने कहा है कि तमाम विरोधों के बावजूद
लोकसभा में तीन तलाक के बिल को पारित किया गया, लेकिन
राज्यसभा में विपक्ष खासतौर से कांग्रेस पार्टी ने तीन तलाक विधेयक का विरोध किया।
कुमार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वैसे तो महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं लेकिन महिला हितों के लिए आवश्यक बिल को उन्होंने राज्यसभा में पारित नहीं होने दिया। इसे लेकर जनता में कांग्रेस के लिए बड़ा रोष है। संसदीय कार्य मंत्री ने उम्मीद जताई है कि संसद के आगामी बजट सत्र में तीन तलाक और ओबीसी सरीखे दोनों ही अहम विधेयक पारित हो जाएंगे।
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि उत्पादकता के मामले में यदि संसद के शीत सत्रों का अध्ययन करें तो कामकाज के मामले में यह सत्र ऐतिहासिक रहा है। संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर 2017 को शुरू हुआ था, जो कि 5 जनवरी 2018 को समाप्त हुआ।
सत्र के दौरान 22 दिनों की अवधि में कुल 13 बैठकें हुईं और लोकसभा में 17 विधेयक पेश किए गए। लोकसभा ने 13 और राज्यसभा ने 9 विधेयक पारित किए। संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार कामकाज के मामले में लोकसभा की उत्पादकता 91.58 प्रतिशत और राज्यसभा की 56.29 प्रतिशत रही।