संस्कृति मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्रीय योजनाओं के लिए 532.55 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें कला, संस्कृति योजना, संग्रहालय का विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शताब्दी और वर्षगांठ समारोह शामिल हैं।
संस्कृति मंत्रालय को बजट 2022-23 में फायदा हुआ है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल बजट में 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3009.05 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया। जबकि 2021-22 में यह राशि 2,687.99 करोड़ रुपये थी। वहीं भारतीय पुरातत्व सर्वेेक्षण (एएसआई) को बजट में 1,080 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जो कुल रकम का 35 फीसदी है।
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मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्रीय योजनाओं के लिए 532.55 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें कला, संस्कृति योजना, संग्रहालय का विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शताब्दी और वर्षगांठ समारोह शामिल हैं। वहीं वरिष्ठ कलाकारों के पेंशन को 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार किया जा रहा है।
वडनगर में संग्रहालय के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा नेपाल के लुंबिनी में बौद्ध मठों को स्थापित करने के लिए 106 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इस दौरान केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, आवंटन में वृद्धि बताती है कि सरकार विकास और विरासत पर केंद्रित है।