आम बजट 2021 से पहले नौकरीपेशा लोगों को बहुत उम्मीद थी, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। आम आदमी को भी बजट से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। इसके उल्ट तमाम चीजों पर कस्टम ड्यूटी और सेस लगने से मोबाइल समेत बहुत-सी चीजें महंगी होने वाली हैं। महिलाओं पर भी खास ध्यान नहीं दिया गया है। जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि बजट से खेती और उद्योग मजबूत होंगे, जिससे नई नौकरियों के अवसर खुल सकते हैं।
आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव पोद्दार ने अमर उजाला को बताया कि, इस बजट ग्रामीण विकास, खेती किसानी, इंफ्रास्टक्चर और बिजनेस पर ज्यादा फोकस किया गया है। इन क्षेत्रों में जब तेजी से काम होगा तो नई नौकरियां पैदा होंगी। बजट से उम्मीद थी कि इसमें धारा-80 सी के तहत छूट की सीमा बढ़ सकती है और साथ ही 2.5 लाख रुपये तक की कमाई पर मिलने वाली छूट भी बढ़ने की उम्मीद थी।
कृषि व उद्योगों पर आधारित है बजट
एसबीआई के इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल रहे अजीत कुमार ने बताया कि, नौकरीपेशा लोगों को केवल ट्रैक्स स्लैब से मतलब रहता हैं। उसे लेकर बजट में कोई घोषणा नहीं हुई है। ये पूरा बजट कृषि और उद्योगों को ध्यान में रखकर ही बनाया गया है। नौकरीपेशा लोगों पर देश की इकोनॉमी निर्भर नहीं करती है, वह देश के बिजनेस पर निर्भर करती है। जैसे जैसे बिजनेस बढ़ेगा, वैसे-वैसे लोगों के लिए नई नौकरियों के अवसर खुलते जाएंगे। वहीं इस बजट में आम आदमी के लिए भी कुछ खास नहीं है। कुछ चीजों पर कस्टम ड्यूटी और सरचार्ज लगने की वजह से मोबाइल समेत बहुत सारी चीजें महंगी भी हो रही हैं।
गौरतलब है कि बजट में सिर्फ एक बड़ी घोषणा हुई है। इसमें 75 वर्ष से ज्यादा आयु वाले पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करना पड़ेगा। यह ऐसे पेंशनर्स हैं जिनकी आय सिर्फ पेंशन और बैंक में मिलने वाले ब्याज से है।