देश में मोबाइल फोन ट्रैकिंग प्रणाली स्थापति करने के लिए आम बजट में 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट घोषणा के मुताबिक इस प्रणाली के स्थापित होने से नकली हैंडसेट बनाने और मोबाइल चोरी करने पर अंकुश लगाया जा सकेगा। यह प्रणाली यानी केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) दूरसंचार विभाग के तहत स्थापित होगा।
यह सिस्टम चोरी या खोए हुए हैंडसेट की सभी तरह की सेवाओं को ब्लॉक कर देगा चाहे सिम कार्ड निकाल दिया गया हो या हैंडसेट से आईएमईआई नंबर ही क्यों न बदल दिया गया हो। सीईआईआर की स्थापना की जिम्मेदारी भारत संचार निगम लिमिटेड के पुणे स्थित केंद्र को दी गई है। सीईआईआर सभी मोबाइल ऑपरेटर के आईएमईआई डेटाबेस से कनेक्ट होगा।