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Maharashtra: ATS ने एक दशक से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी शख्स को दबोचा; फर्जी दस्तावेज रैकेट चलाने का आरोप

Sat, 02 Sep 2023 03:07 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर

सार

आरोपी पलाश बिपन बरुवा को आतंकवाद निरोधक दस्ते ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि उसने भारत में आने के लिए बौद्ध भिक्षु का रूप लिया। बाद में उत्तरी नागपुर के टेका में पिवली नदी क्षेत्र में जिम ट्रेनर बनकर रहने लगा।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उसने शुक्रवार को नागपुर से एक बांग्लादेशी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जहां वह एक दशक से अधिक समय से रह रहा था। शख्स ने देश में रहने के लिए पहले बौद्ध भिक्षु फिर एक जिम ट्रेनर का रूप लिया। इतना ही नहीं, वह बांग्लादेशी लोगों की धोखाधड़ी से भारतीय पासपोर्ट हासिल करने में मदद करता था। 

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बदलता रहा रूप
पुलिस ने बताया कि 40 वर्षीय आरोपी पलाश बिपन बरुवा को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि उसने भारत में आने के लिए बौद्ध भिक्षु का रूप लिया। बाद में उत्तरी नागपुर के टेका में पिवली नदी क्षेत्र में जिम ट्रेनर बनकर रहने लगा। 

ऐसे सच आया सामने
कपिल नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि एटीएस को बरुवा के बारे में तब पता चला, जब दो बांग्लादेशी नागरिक मैत्री बरुवा और अंकोन बरुवा को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। बाद में दोनों से पूछताछ की तो सामने आया कि पलाश बिपन बरुवा ने उन्हे पासपोर्ट मुहैया कराए हैं। बता दें, दोनों को उस वक्त पकड़ा गया था, जब वह भारतीय पासपोर्ट का उपयोग करके विदेशी देशों के लिए उड़ान भरने की कोशिश कर रहे थे। 

एक महीने तक चला गुप्त ऑपरेशन

उन्होंने बताया कि इसके बाद एटीएस की नागपुर इकाई ने एक महीने से अधिक समय तक एक गुप्त ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान बरुवा की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी गई। 

प्रेम संबंध भी बनाया

अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने साल 2010 से पहले एक बौद्ध भिक्षु के रूप में भारतीय सीमा पार की थी। वह शहर के विभिन्न बुद्ध विहारों में रहकर लगभग चार साल तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने में कामयाब रहा। इसके बाद बरुवा जिम ट्रेनर की नौकरी करने लगा। इस दौरान उसका प्रेम संबंध भी रहा और थाइलैंड भी घूमने गया।

उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि बरुवा एक ऐसे रैकेट से जुड़ा है, जो बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारतीय पासपोर्ट प्रदान कराता है।

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