बदलते दौर में हाईटेक हो रहे राजनेताओं की कतार में बसपा प्रमुख मायावती का भी नाम जुड़ गया है। बसपा प्रमुख ने अभी तक सोशल मीडिया से बनाए रखी दूरी को खत्म करते हुए ट्विटर पर अपनी आमद दर्ज करा दी है। अब वह ट्वीट के जरिए ही अपने समर्थकों के साथ संवाद करेंगी और मतदाताओं तक अपनी पार्टी की नीतियों को पहुंचाएंगी।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को ही ट्वीट कर मायावती का इस माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर स्वागत किया था। तेजस्वी ने लिखा 13 जनवरी को लखनऊ मुलाकात के दौरान उन्होंने मायावती से ट्विटर पर आने का आग्रह किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद बुधवार को बसपा ने अपनी सुप्रीमो के ट्विटर हैंडल को ट्विटर की तरफ से वेरीफाई कर नीला साइन दिए जाने के साथ ही इस बात का औपचारिक ऐलान कर दिया।
इस ऐलान के बाद अब तक मायावती के ट्विटर हैंडल पर करीब 44 हजार लोग उनके फॉलोअर बन चुके हैं। हालांकि उनके ट्विटर अकाउंट से महज ट्विटर सपोर्ट को ही फॉलो किया जा रहा है। हालांकि बताया जा रहा है कि यह अकाउंट 22 जनवरी को शुरू हो गया था, लेकिन इसकी अधिकृत घोषणा के लिए वेरीफाइड साइन मिलने का इंतजार किया जा रहा था।
सोशल मीडिया पर सपा की सक्रियता ने किया प्रेरित
बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मायावती अभी तक केवल एजेंसी के माध्यम से ही अपना पक्ष रखती हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में उसकी गठबंधन सहयोगी सपा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बेहद आगे है। सपा का यूटूयूब चैनल के साथ ही अपना अधिकृत फेसबुक पेज और ऑन लाइन सिस्टम है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्विटर पर लगभग 89 लाख फॉलोअर्स हैं। इसी से प्रेरित होकर अब बसपा ने भी अपनी बात तेजी से कहने और युवाओं को लुभाने के लिहाज से ट्विटर पर मौजूदगी दर्ज कराई है।