उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी देश का माहौल बिगाड़ रही है और कोर्ट को ऐसे मामलों में खुद संज्ञान लेना चाहिए।
साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मायावती ने कांग्रेस को भी चेतावनी दे दी है। गठबंधन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उसी सूरत में गठबंधन सरकार में शामिल होगी जब उन्हें लोकसभा सीटों की सम्मानजनक संख्या दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कांग्रेस नेता राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीएसपी से गठबंधन को लेकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि उन पर भी उत्तर प्रदेश में वही शर्तें लागू होती हैं।
दिल्ली दौरे पर आईं मायावती ने केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार चला रहे पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांशीराम की यह बात बड़ी सटीक बैठती है कि केंद्र में मजबूत नहीं मजबूर सरकार होनी चाहिए क्योंकि गठबंधन की सरकार पर ज्यादा दबाव होता है और वह जिम्मेदारी भी अधिक होती है।
मायावती ने कहा कि मॉब लिंचिंग संकुचित मानसिकता वाले बीजेपी सदस्यों तथा समर्थकों का काम है, लेकिन वे इसे देशभक्ति समझते हैं... मैं अलवर में हुई लिंचिंग की वारदात की निंदा करती हूं, लेकिन मेरा मानना है कि बीजेपी इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर पाएगी, इसलिए मैं कोर्ट से आग्रह करती हूं कि वह हस्तक्षेप करे...". मायावती ने साफ-साफ कहा कि मॉब लिंचिंग की वारदात पर केंद्र सरकार कुछ भी नहीं करेगी और गौहत्या के नाम पर इसी तरह हत्याएं होती रहेंगी।
उन्होंने मॉब लिंचिंग को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी देश का माहौल बिगाड़ रही है और कोर्ट को ऐसे मामलों में खुद संज्ञान लेना चाहिए। इन वारदात को लेकर मायावती ने कहा कि बीजेपी की चाल, चरित्र और चेहरा सामने आ गया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार को अपरिपक्व फैसले लेने के लिए याद किया जाएगा, जिनकी वजह से मासूम लोगों की मॉब लिंचिंग की वारदात बढ़ी है। खून करने की आजादी मिल गई है, देश में लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और जनता की जान खतरे में डाली जा रही है।