पब्लिसिटी स्टंट के लिए खुद को कर लिया अगवा
- फोटो : ब्यूरो/ मुरादाबाद
आरिफ जौला मामले का खुलासा होने पर सबकी जुबान पर एक शब्द था कि आरिफ तूने क्या किया, सब कुछ चौपट कर डाला। तुझे तो हम नेता बनाने जा रहे थे, लेकिन तूने हमको ही मुल्जिम बनवा डाला। आरिफ का कारनामा उजागर होते ही जौला के ग्रामीणों का दर्द पुलिस अधिकारियों के सामने आ गया। क्योंकि पुलिस ने हंगामा प्रदर्शन करने वाले पांच नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरिफ का अपहरण हुआ है, उसके साथ गहरी साजिश रची गई। इस हमदर्दी में जौला गांव ही नहीं बुढ़ाना विधानसभा के दो दर्जन से अधिक गांव के लोग कंकरखेड़ा इलाके में डटे रहे। आरिफ लौट आया, यह सुनते ग्रामीण खुश हो गए। लेकिन ग्रामीण जानना चाहते थे कि आरिफ को किसने अगवा कराया। दोपहर में एसएसपी ने प्रेसवार्ता में आरिफ का कारनामा उजागर किया तो लोगों को एक बार तो यकीन नहीं हुआ।
लेकिन जब आरिफ ने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह पारिवारिक और आर्थिक तंगी के चलते डिप्रेशन में था। जिससे मुक्त होने के लिए उसने खुद के अपहरण होने की प्लानिंग बनाई। यह सुन लोग प्रेस वार्ता में ही चिल्लाने लगे कि आरिफ तूने ऐसा क्यों किया।