मुर्दों का बीमा कराकर निजी बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये का क्लेम हड़पने वाले गैंग का मास्टरमाइंड राजवीर सिंह शनिवार सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तारी के बाद राजवीर ने कई नेताओं व बीमा कंपनियों के अफसरों के नाम भी उगले हैं। ठगी का मुकदमा लिखाने वाले रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस के ब्रांच मैनेजर दीपेश सिंह को भी अपने खेल में बराबर का भागीदार बताया है। देर रात पुलिस ने राजवीर के साथी संजय गिरी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस, बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस और बजाज एलायंज इंश्योरेंस कंपनी में मुर्दों के बीमे कराकर करीब 40 करोड़ रुपये का क्लेम हड़पे जाने का मामला जून में प्रकाश में आया था। अभी तक ऐसे 420 मामले प्रकाश में आ चुके हैं, जहां मरे हुए लोगों को जिंदा दर्शाकर उनका बीमा किया गया और फिर तीन किश्तें जमा करते ही उनके मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर क्लेम ले लिया गया। करीब 40 करोड़ रुपये फर्जीवाड़ा करके हड़पे जाने की बात प्राथमिक जांच में साबित हो चुकी है।
ये खुलासा होने के बाद रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की मुरादाबाद शाखा के मैनेजर दिपेश सिंह ने कंपनी के सेल्स मैनेजर राजवीर सिंह, हरिओम सैनी समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ 19 जून को मझोला थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने 20 जून को रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सेल्स मैनेजर हरिओम सैनी को गिरफ्तार कर लिया था।
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राजवीर की पैरवी में थाने पहुंचा सपा नेता
संजय गिरि
- फोटो : ब्यूरो/ मुरादाबाद
उसने पुलिस पूछताछ में बताया था कि राजवीर पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। वह और बाकी साथी मिलकर मुर्दों का बीमा कराते थे और जिंदा लोगों को भी मृत दिखाकर उन्होंने तमाम क्लेम हड़पे थे। इसके लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवाए जाते थे। पुलिस ने हरिओम को तो जेल भेज दिया था लेकिन राजवीर तभी से फरार था।
शनिवार सुबह पुलिस ने राजवीर के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने रिपोर्ट लिखाने वाले दीपेश सिंह को भी खेल में हिस्सेदार बताया है। भाजपा और सपा के कई नेताओं के नाम भी उसने उगले हैं। इन नेताओं को खुद अपने फंसने का डर सता रहा है लिहाजा उन्होंने राजवीर को बचाने के लिए तमाम कोशिशें की हैं। दोपहर बाद पुलिस ने राजवीर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उधर, इस गैंग में शामिल रिलायंस कंपनी के ही एक अन्य सेल्स मैनेजर संजय गिरी को पुलिस ने शनिवार रात मिलन विहार से गिरफ्तार कर लिया है। संजय मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है।
करोड़ों की ठगी के आरोपी राजवीर सिंह यादव की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उसकी पैरवी में सपा नेताओं का थाने पर जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले खुशहालपुर रोड निवासी सपा का एक नेता मझोला थाने पहुंचा और राजवीर को छुड़ाने की कोशिशें शुरू कर दीं। पुलिस ने इंकार किया तो सपा नेता ने दबाव बनाने के लिए कुछ नेताओं व एक मंत्री से भी फोन कराए। लेकिन पुलिस लिखत - पढ़त कर चुकी थी। लिहाजा नेता को कामयाबी नहीं मिली। सपा नेता ने कई घंटे तक थाने में डेरा डाले रखा, लेकिन 40 करोड़ की ठगी के आरोप को पूरी ताकत लगाने के बाद भी नहीं छुड़ा सका।
शनिवार सुबह करीब छह बजे पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस वालों ने जैसे ही उसे हिरासत में लिया तो बोला कि मुझे जाने दो। एक लाख रुपये अभी मंगवाकर देता हूं। लेकिन पुलिस वालों ने उसकी एक नहीं सुनी। उसे कार में बैठाया और थाने ले गई। शनिवार देर रात करीब दो बजे पुलिस को सूचना मिली कि राजवीर पुत्र जयवीर सिंह निवासी पस्तौर थाना शाहबाद जिला रामपुर अपने कांशीराम नगर स्थित आवास में ठहरा हुआ है।
मझोला पुलिस ने मकान की घेराबंदी की तो राजवीर ने मकान का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद पुलिस वाले मकान के बाहर ही बैठ गए। इसके अलावा उसकी कार के टायरों की हवा निकाल दी। ताकी आरोपी भाग न पाए। शनिवार सुबह करीब छह बजे राजवीर ने जैसे ही दरवाजा खोला। पुलिस ने उसे दबोच लिया। रिलाइंस लाइंफ इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर दीपेश सिंह ने हरिओम सैनी निवासी कांशीराम नगर, एडवाइजर जयपाल सिह, नवनीत कुमार, सेल्स मैनेजर राजवीर सिंह, चमन कुमार प्रजापति, राशिद, अभिषेक, संजय गिरी समेत दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
जबकि बिरला लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजर आलोक अस्थाना ने एजेंट अश्वनी कुमार, एडवाइजर व एजेंसी मैनेजर नीरज सिंह, बजाज एलायंज के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक विनय रावत ने कंपनी सेल्स मैनेजर अशरफ अली, राजीव कुमार, राज कुमार पटेल, राकेश कुमार, हरिओम सैनी, संजय गिरी, फहीम, विनोद कुमार, मो. अजमी, सीमा देवी, नेमपाल सिंह, रोहताश, धर्मवीर सिंह, विनय यादव, रमेश और संजीव कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।