सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने उत्तर 24 परगना और नदिया जिले में बीते शनिवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर अलग-अलग अभियानों में अवैध घुसपैठ की कोशिश कर रहे 24 बांग्लादेशियों और दो रोहिंग्या को वापस खदेड़ दिया। बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि ज्यादातर घुसपैठिए मुंबई, बंगलूरू व हैदराबाद में हाउसकीपिंग व लेबर कार्य के लिए जाने वाले थे।
अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश की तरफ से लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही है, हालांकि सतर्क जवान लगातार उनके मंसूबों को लगातार नाकाम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीएसएफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जवानों ने भारत से बांग्लादेश में आठ मवेशियों के अलावा गांजा, शराब युक्त कफ सिरप फेंसेडिल और अन्य दवाओं की तस्करी के प्रयासों को भी विफल कर दिया।
बीएसएफ के अधिकारी ने बताया कि शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले में 20 बांग्लादेशियों और दो रोहिंग्याओं को रोका गया और वापस खदेड़ा गया। इसके अलावा नादिया जिले में भी चार अन्य बांग्लादेशियों को वापस खदेड़ा गया। बीएसएफ अधिकारी ने एक बयान में कहा, पूछताछ के दौरान पता चला कि उनमें से ज्यादातर लोग हाउसकीपिंग और मजदूरी के काम के लिए मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि भारतीय सीमा प्रहरियों ने बांग्लादेश में विभिन्न सामानों की तस्करी के प्रयासों को भी रोका और 565 बोतलें फेंसेडिल, 3 किलोग्राम गांजा और 2,900 कुनैन सल्फेट टैबलेट के पत्ते, कुनैन डाइहाइड्रोक्लोराइड के 700 इंजेक्शन और 1,200 आर्टेमीथर इंजेक्शन जब्त किए हैं। अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश में तस्करी के लिए भेजी जा रही फेंसेडिल की खेप को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि जवानों ने तस्करों के चंगुल से आठ मवेशियों को मुक्त कराया। उन्होंने बताया कि जब्त माल को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है और बचाए गए मवेशियों को ई-टैगिंग के बाद ध्यान फाउंडेशन को सौंप दिया जाएगा।