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BSF Soldier vs MLA: जवान को धमकाने वाले मामले में नया मोड़, सैनिक पर लगा जबरन घूंघट उठवाने का आरोप

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 10 May 2024 07:09 PM IST

सार

महिलाओं का आरोप है कि बीएसएफ जवान उनकी आईडी जांच करने के दौरान घूंघट उठवा रहे थे। इससे महिलाओं में आक्रोश पैदा हो गया। उन्होंने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
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भाजपा विधायक और बीएसएफ जवान - फोटो : amarujala

बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद ने बताया, चुनावी ड्यूटी के दौरान इस बल का काम लोकल पुलिस को सहयोग देना होता है। सीमा सुरक्षा बल का काम लॉ एंड ऑर्डर देखना है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराना है। वोटर की आईडी जांचना बीएसएफ का काम नहीं है। वहां पहुंचे विधायक बीएसएफ जवान के साथ गलत भाषा का प्रयोग कर रहा था। विधायक द्वारा की गई अभद्रता का वह वीडियो वायरल हुआ है। उसमें बीएसएफ जवान की कहीं कोई गलती नहीं है। जब विधायक आए, तो उस वक्त महिला वोटर नहीं थी। वह मतदान केंद्र के अंदर जाकर चुनाव अधिकारी पर चिल्ला रहे था। इस मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है। पुलिस ने पहले विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी वह जांच चल रही है, लेकिन इस बीच बीएसएफ कर्मी और पीठासीन अधिकारी पर कार्रवाई की मांग उठाई जाने लगी।

सीआरपीएफ के पूर्व कैडर अधिकारी सर्वेश त्रिपाठी कहते हैं, बीएसएफ अधिकारी पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक तो स्थानीय लोगों को अपने समर्थन में ला सकता है, लेकिन बीएसएफ जवान अपने साथ किसे खड़ा करेगा।

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