सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण बंगाल सीमांत मुख्यालय, कोलकाता द्वारा पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा और नागालैंड में निवासरत पेंशनभोगियों की पेंशन संबंधी शिकायतों के निवारण हेतु राष्ट्रव्यापी पेंशन अदालत का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में बीएसएफ के सेवानिवृत्त कार्मिकों ने मुख्यालय में पहुंचकर इस पहल का प्रत्यक्ष लाभ उठाया, जबकि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाने वाले
कार्मिकों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। इस दौरान कुल 118 पेंशनभोगियों की पेंशन संबंधी समस्याएं सुनी गईं। इस अवसर पर एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।
इस पेंशन अदालत का उद्घाटन दक्षिण बंगाल सीमांत के महानिरीक्षक अनीश प्रसाद ने किया। यह अदालत मंगलवार को कोलकाता के राजरहाट स्थित सीमांत मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें बीएसएफ के सेवानिवृत्त कर्मियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अवसर पर पे एंड अकाउंट्स डिवीजन, बीएसएफ (नई दिल्ली) तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कोलकाता के केंद्रीयकृत पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (सीपीपीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। उन्होंने 118 पेंशनभोगियों की समस्याएं सुनीं और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
सभी इच्छुक पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर समाज के इस महत्वपूर्ण वर्ग के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को सुदृढ़ बनाना था। बीएसएफ की ओर से यह जानकारी दी गई कि यह राष्ट्रव्यापी पेंशन अदालत सफल रही। पेंशनभोगियों ने बीएसएफ के पे एंड अकाउंट्स डिवीजन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना की और अधिकारियों के
प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि ऐसी पेंशन अदालतों का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाए, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।