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BSF: बीएसएफ-बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स के बीच डायरेक्टर जनरल स्तर की सालाना बैठक शुरू, इन अहम मुद्दों पर फोकस

Tue, 05 Mar 2024 12:58 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल नितिन अग्रवाल कर रहे हैं। वहीं बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड्स का नेतृत्व बीजीबी (बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश) के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी कर रहे हैं। 
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बीएसएफ और बीजीबी के बीच ढाका में हो रही बातचीत (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स के बीच 54वीं डायरेक्टर जनरल स्तर की बैठक आज शुरू हो गई है। यह बैठक 5-9 मार्च तक बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित होगी। इस बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल नितिन अग्रवाल कर रहे हैं। वहीं बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड्स का नेतृत्व बीजीबी (बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश) के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी कर रहे हैं। 
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दोनों बलों में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
बीएसएफ और बीजीबी की बैठक में बॉर्डर मैनेजमेंट के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। इस चर्चा में खासतौर पर सीमा पर होने वाले अपराध, सीमा पर आधारभूत ढांचे के विकास, बॉर्डर मैनेजमेंट प्लान को समन्वित तरीके से लागू करने, नदियों के तटों की सुरक्षा और पानी के बंटवारें जैसे मुद्दों पर बात होगी। पिछले साल बीएसएफ और बीजीबी की वार्षिक बैठक 11-14 जून तक नई दिल्ली के कैंप छावला में आयोजित हुई थी। 

बीएसएफ जवानों पर हमले का मामला भी उठ सकता है
बीते दिनों में भारत-बांग्लादेश की पूर्वी सीमा पर बीएसएफ के जवानों पर अपराधियों द्वारा हमला करने की घटनाएं सामने आई हैं। माना जा रहा है कि बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश की डीजी स्तर की बैठक में इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है। साथ ही बैठक में बांग्लादेशी लोगों की अवैध रूप से भारत में एंट्री, सीमा पर हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और सोने की तस्करी का मामला भी उठ सकता है। बांग्लादेश सीमा पर अपराधियों द्वारा बीएसएफ जवानों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2023 में ही 40 बीएसएफ कर्मी बांग्लादेश सीमा पर हमलों में घायल हुए हैं। 
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर गो-तस्करी भी एक गंभीर मुद्दा है। साथ ही अवैध घुसपैठ भी दोनों देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते पांच वर्षों में ही आठ हजार से ज्यादा लोग बिना किसी वैध दस्तावेजों के भारत से बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश करते पकड़े गए हैं। अवैध घुसपैठ सबसे ज्यादा दक्षिणी बंगाल की सीमा पर दर्ज की गई है। भारत का उग्रवादी संगठन नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा का मामला भी बीएसएफ और बीजीबी की बैठक में उठ सकता है। ये संगठन बांग्लादेश से संचालित होता है। 
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