ब्रिटिश कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी ने करीब 70 अरब डॉलर की विदेशी भारतीय संपत्तियों की पहचान की है, जिन्हें कंपनी भारत सरकार से 1.72 अरब डॉलर (12,600 करोड़ रुपये) की वसूली करने के लिए कानूनी प्रक्रिया के जरिये जब्त करने का दावा ठोकेगी।
यदि केयर्न एनर्जी का यह दांव सफल रहा तो भारत भी पाकिस्तान और वेनेजुएला जैसे देशों की कतार में शामिल हो जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय पंचाट में तय जुर्माना देने में असफल रहने पर ऐसी कानूनी प्रक्रिया की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
इस मामले की पूरी जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि केयर्न एनर्जी की तरफ से तैयार संपत्तियों की सूची में एयर इंडिया के विमानों से लेकर शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज तक शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी बैंकों के मालिकाना हक वाली संपत्तियां और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल व गैस कंपनियों के कार्गो जहाज भी इस सूची का हिस्सा हैं।
ये सारी संपत्तियां विभिन्न देशों में मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। लेकिन उन्होंने बताया कि इन संपत्तियों पर दावा ठोकने के लिए केयर्न एनर्जी ने अमेरिका से सिंगापुर तक अदालत का दरवाजा खटखटाने की योजना बनाई है।
बता दें कि केयर्न एनर्जी ने एयर इंडिया की संपत्ति को भारत सरकार की ऑल्टर ईगो एसेट यानी बदले में ली जाने लायक संपत्ति घोषित कराने के लिए 14 मई को न्यूयॉर्क की एक जिला अदालत में मुकदमा दायर भी कर दिया है।
बता दें कि भारत सरकार की तरफ से केयर्न एनर्जी पर पुरानी तारीखों से लागू 10,427 करोड़ रुपये का कर लगाया गया था। इसके खिलाफ कंपनी की अपील पर एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने पिछले साल दिसंबर में भारत सरकार का दावा गलत माना था और उसे केयर्न एनर्जी को 12,600 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया था। भारत सरकार ने इस आदेश को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत में चुनौती दे रखी है।
चुनौती देने की राह भी कठिन
सूत्रों का कहना है कि केयर्न एनर्जी यदि भारतीय संपत्तियों पर दावा ठोकती है तो भारत सरकार उसे अदालत में चुनौती दे सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार को दावे के बराबर रकम की बैंक गारंटी अदालत के पास जमा करानी होगी। यदि अदालत ने केयर्न का दावा सही माना तो यह पैसा उसे दे दिया जाएगा।
पिछले साल पाक एयरलाइंस को लग चुका है झटका
एक कनाडाई-चिली कॉपर कंपनी की तरफ से पाकिस्तान सरकार से वसूली के लिए ऐसा ही मुकदमा ठोका था। इस मुकदमे में पिछले साल दिसंबर में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की एक अदालत ने सरकार से वसूली के बदले पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के मालिकाना हक वाले होटलों को बेचने का आदेश दे दिया था। इसके अलावा वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी के खिलाफ भी ऐसा ही मुकदमा एक कंपनी जीत चुकी है।
2012 में अमेरिकी हेज फंड कंपनी इलियट मैनेजमेंट ने इसी तरीके से अर्जेंटीना की नौसेना का जहाज जब्त कर लिया था। हाल ही में फ्रांस की एक अदालत ने कांगो-ब्राजाविले सरकार के एक व्यापारिक जहाज को फ्रांसीसी एयरपोर्ट पर आने के बाद जब्त करने की इजाजत एक कर्जदाता कंपनी को दे दी थी।