नियमित व्यायाम मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, लेकिन मध्यम शारीरिक गतिविधियां जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना हमारे मस्तिष्क के लिए व्यायाम से डेढ़ गुना प्रभावशाली हैं। यह बात पिछले 30 वर्षों में प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर हाल ही में किए गए एक अध्ययन में सामने आई है।
स्वस्थ रहने के लिए खुद को थकाना जरूरी नहीं
अध्ययन में पता चला कि शारीरिक गतिविधि संज्ञानात्मक कार्यशैली में सुधार करती है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि मध्यम शारीरिक गतिविधि का प्रभाव जोरदार शारीरिक गतिविधि (दौड़ना, फुटबाल-बास्केटबाल खेलना) से डेढ़ गुना अधिक है। खासतौर से 40-45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए यह जरूरी है।
भारतीय योग पद्धति भी कारगर
धर्मगुरु, योगा मास्टर और फिलांथ्रोपिस्ट अक्षर जी के अनुसार, कुछ योगाभ्यास ऐसे हैं, जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन में शामिल करें तो यह हमारे मस्तिष्क और समग्र स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे। योग के साथ-साथ सकारात्मक जीवनशैली भी मस्तिष्क और हृदय को स्वस्थ्य रखने के लिए आवश्यक हैं। इन आसनों में पद्मासन, चक्रासन, धनुरासन, हलासन और शीर्षासन शामिल हैं।