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एमएलसी चुनाव: सहारनपुर की सलाखों को सलाम

Tue, 08 Mar 2016 02:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर

सार

  • बृजेश सिंह ने कुछ बंदी रक्षकों से कहा कि यहां की जेल उसके लिए काफी लकी रही है।
  • बृजेश सिंह ने जेल में निरुद्ध होने के बावजूद सत्ताधारी दल की प्रत्याशी मीना सिंह को बड़े अंतर से पराजित किया है।
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बृजेश सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमएलसी चुनाव में सत्ताधारी दल को कड़ी चुनौती देते हुए वाराणसी सीट पर जीत हासिल करने के बाद से यहां किशोर कारागार में बंद उन्होंने कुछ बंदी रक्षकों से कहा कि यहां की जेल उसके लिए काफी लकी रही है। काफी खुश है। जेल में एमएलसी चुनाव में अपनी जीत पर चर्चा के दौरान उन्होंने कुछ बंदी रक्षकों से कहा कि यहां की जेल उसके लिए काफी लकी रही है।
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बता दें कि विधान परिषद सदस्य के चुनाव में वाराणसी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बृजेश सिंह ने जेल में निरुद्ध होने के बावजूद सत्ताधारी दल की प्रत्याशी मीना सिंह को बड़े अंतर से पराजित किया है।

उनके पक्ष में परिणाम आने से माफिया डॉन के रूप में चर्चित बृजेश सिंह अब माननीय हो गए हैं। शनिवार को एमएलसी चुनाव का परिणाम आने के बाद से ही कारागार में मिष्ठान वितरण से लेकर अन्य तरह से खुशियों को बांटा गया है।
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इस चुनाव में बृजेश सिंह की ओर से कड़ी चुनौती मिलने के कारण ही सूबे की सरकार ने वाराणसी जेल से पहले शाहजहांपुर और फिर यहां से सहारनपुर कारागार में उनकी शिफ्टिंग कराई थी।

जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जीत की खुशियां बांटने के समय ही कुछ बंदी रक्षकों और मुलाकातियों से बातचीत में बृजेश ने एमएलसी बनने पर खुशी जाहिर की है।

यह भी पता चला है कि इस चुनाव में जीत को लेकर यहां की जिला जेल को वह काफी लकी मान रहा है। इस बारे में अपने दिल की बात उसने कुछ बंदी रक्षकों के साथ शेयर भी की है।
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प्रमाणपत्र मिलने में लगेगा वक्त

माफिया ब्रिजेश - फोटो : फाइल फोटो
जिला कारागार में पहुंची सूचनाओं के मुताबिक वाराणसी सीट पर एमएलसी पद पर भारी अंतर से जीत हासिल करने के बावजूद बृजेश सिंह को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सका है। इसके लिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की ओर से जीते हुए प्रत्याशी द्वारा निर्धारित अधिकृत व्यक्ति को ही प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।

निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया से जुड़े अफसरों के निर्देश पर अब यहां जेल में बंद बृजेश के हस्ताक्षर से अधिकृत अभिकर्ता के बारे में वाराणसी भेजा जाएगा। महाशिवरात्रि के अवकाश के कारण एमएलसी सीट पर जीत के प्रमाण की प्रक्रिया में अभी और देरी होगी। उधर, वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरएस सिंह ने बताया कि एमएलसी जीत में चुनाव के बाद परिवार से उनकी पत्नी अन्नपूर्णा या अन्य करीबी रिश्तेदार अब तक नहीं पहुंचा है। 

जेल में नहीं मनाया जाए जीत का जश्न

एमएलसी चुनाव में वाराणसी से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बृजेश सिंह की जीत को सूबे की सरकार पचा नहीं पा रही है। जेल निदेशालय की ओर से कारागार प्रशासन को फरमान जारी किया गया है कि जेल में किसी प्रकार का जश्न नहीं मनाया जाए। ऐसे लोगों पर लगातार निगरानी रखा जाए।

रविवार को एमएलसी चुनाव में बृजेश सिंह की जीत के बाद कारागार में उसकी ओर से मिठाई बांटकर खाने की बातें और मिष्ठान वितरण की बातें सामने आई थीं। सत्ताधारी दल के उम्मीदवार के विरोध में परिणाम आने के साथ ही शासन स्तर पर जेल निदेशालय को भी अलर्ट किए जाने की जानकारी मिली है।

उधर, जेल के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि किशोर कारागार में बंद बृजेश सिंह की जीत को लेकर कोई जश्न नहीं मनाया जा रहा है और न ही मिष्ठान आदि का वितरण कर रहे हैं। उधर, जेल के अफसर इस चुनाव के परिणाम के बाद बृजेश सिंह के स्थानांतरण की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
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