फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विदेश मंत्रालय की सफाई: 1960 से जिस इलाके पर चीन का अवैध कब्जा, वहां पुल बना रहा ड्रैगन, हमें यह मंजूर नहीं

Fri, 20 May 2022 07:54 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रवक्ता ने कहा, हमने अपने क्षेत्र पर इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है, न ही हमने अनुचित चीनी दावे या ऐसी निर्माण गतिविधियों को स्वीकार किया है।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने शुक्रवार को कहा कि चीन द्वारा पैंगोंग झील पर बनाया जा रहा दूसरा पुल उस क्षेत्र में है जो 1960 से उसके अवैध कब्जे में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने कभी भी भारत के क्षेत्र पर इस तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हमने चीन द्वारा पैंगोंग झील पर अपने पहले के पुल के साथ एक और पुल के निर्माण की रिपोर्ट देखी है। ये दोनों पुल 1960 के दशक से चीन के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में हैं। बागची इस मामले में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।

विज्ञापन


इस तरह के अवैध कब्जे स्वीकार नहीं
प्रवक्ता ने कहा, हमने अपने क्षेत्र पर इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है, न ही हमने अनुचित चीनी दावे या ऐसी निर्माण गतिविधियों को स्वीकार किया है। हमने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग हैं और हम उम्मीद करते हैं कि अन्य देश भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश के सुरक्षा हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं, बागची ने कहा कि सरकार ने 2014 से विशेष रूप से सड़कों और पुलों के निर्माण सहित सीमा के बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार न केवल भारत की रणनीतिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बल्कि इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण के उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा कि सरकार भारत की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखती है और इसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय करती है। चीनी निर्माण से परिचित लोगों ने बुधवार को कहा कि चीन पूर्वी लद्दाख में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पैंगोंग त्सो के आसपास के क्षेत्र में दूसरा पुल बना रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें