चेन्नई के रहने वाले एक छात्र का हाल ही में शहर के बाहरी इलाके में ग्रैंड सदर्न ट्रंक (जीएसटी) रोड पर एक्सीडेंट हो गया था। इस दुर्घटना में उसको गंभीर चोट लगी थी। अब खबर सामने आई है कि दुर्घटना में ब्रेन डेड घोषित किए गए 19 वर्षीय छात्र ने पांच लोगों को नया जीवन दिया है।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दुर्घटना के बाद किशोर को तुरंत एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जो दुर्घटनास्थल के आसपास था। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों के सुझाव के आधार पर उसे इलाज के लिए चेन्नई के रिले अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी छात्र को बचाया नहीं जा सका और उसे 'ब्रेन इनएक्टिव/डेड' घोषित कर दिया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि चूंकि उसके महत्वपूर्ण अंग ठीक से काम कर रहे थे, इसलिए अस्पताल के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवार को अंगदान के बारे में बताया, जो उनके महत्वपूर्ण अंगों को दान करने के लिए सहमत हो गए। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार ने ब्रेन-डेड किशोर के अंगों के लिए दान को कानूनी मंजूरी दे दी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों में एक किडनी और दिल का प्रत्यारोपण किया गया, जबकि एक अन्य किडनी, दो फेफड़े और एक लीवर को अन्य मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया।
ट्रांसप्लांट अथॉरिटी गवर्नमेंट ऑफ तमिलनाडु के सदस्य सचिव आर कांतिमथी ने कहा कि हर जीवन महत्वपूर्ण है और हर कोई जीने का हकदार है और यही हम ट्रांसटन में मानते हैं। कांथिमथी ने कहा कि मैं गर्व से कह सकता हूं कि तमिलनाडु अंग प्रत्यारोपण में देश का नेतृत्व कर रहा है। मैं वास्तव में दाता के परिवार का आभारी हूं जो इस नेक काम के लिए आगे आए और कई लोगों के जीवन में बदलाव किया।
ब्रेन-डेड किशोर की बहन ने कहा कि यह वही हो रहा है जो मेरा भाई चाहता था। वह एक निस्वार्थ व्यक्ति था जिसने आगे आने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में कभी संकोच नहीं किया।