भारत में बन रहे रक्षा उपकरणों के लिए निर्यात के दरवाजे खुले
इस सौदे के बाद भारत की संभावनाओं के बारे में सवाल पर ब्रह्मोस प्रमुख ने कहा कि यह ब्रह्मोस और अन्य वस्तुओं के साथ उन सभी रक्षा उपकरणों के लिए दरवाजे खोलता है जो भारत में बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने अनुसंधान और विकास पर बहुत काम किया है। उद्योग भी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे में इन सभी में क्षमता है कि ये न केवल फिलीपींस बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में निर्यात कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एक रक्षा सौदा करना आसान काम नहीं हैं और भारत सरकार के सहयोग के साथ हम उन देशों को ब्रह्मोस का निर्यात करेंगे जिनके लिए वह हमें अनुमति देगी।
इस बीच रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख डॉ. जी सतीश रेड्डी ने कहा कि कई देशों ने भारत की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को खरीदने पर रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि देश में निर्यात क्षमता वाले अधिक सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं।